रामपुर। जेल में बंद रहते हुए रामपुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए आजम खां ने मंगलवार को सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। इससे रामपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव तय हो गया है। साथ ही राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उपचुनाव को लेकर सबसे अधिक सक्रियता भाजपा नेताओं में है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण सबसे अधिक दावेदार भाजपा में ही हैं। जिलाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी संभाल चुके नेताओं से लेकर विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमा चुके नेता तक भाजपा के टिकट के तलबगार हैं। जबकि चर्चाओं में केंद्र और राज्य सरकार की नुमाइंदगी करने वालों में से कुछ के नाम के कयास भी लगाए जा रहे हैं।
सपा के टिकट को लेकर पार्टी के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक यह मान रहे हैं कि उम्मीदवार आजम खां की राय से ही तय होगा। बसपा में टिकट की दावेदारी पर फिलहाल सीधी सक्रियता नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस के टिकट को लेकर ज्यादातर की निगाह नूर महल की ओर है। साथ ही पार्टी के स्तर से कोई नया प्रयोग किए जाने की कयासबाजी भी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता का कहना है कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता कि उपचुनाव में कौन प्रत्याशी होगा। पार्टी हाईकमान जिसे तय करेगा, उसे सब मिलकर चुनाव लड़ाएंगे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र देव गुप्ता बसपा जिलाध्यक्ष प्रमोद निरंकारी भी यह फैसला पार्टी हाईकमान के स्तर से होने की बात कह रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने कहा कि सपा का हर कार्यकर्ता किसी भी चुनाव के लिए हर समय तैयार रहता है। पार्टी हाईकमान से जिसका भी टिकट तय किया जाएगा उसे पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा।