बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भाजपा की आर्थिक और कृषि नीतियों पर जमकर प्रहार किया। आरोप लगाया कि भाजपा ने पूंजीपतियों को मालामाल करने और उनको बचाने का काम किया। लगता है कि कांग्रेस की तरह भाजपा अब केंद्र की सत्ता में नहीं आने वाली है।
बसपा नेता ने कहा कि इस समय मुस्लिम और अल्पसंख्यक समाज की हालत ज्यादा खराब है। कुछ वर्षों से केंद्र और राज्यों में भाजपा और आरएसएस की सरकारों के चलते विकास नहीं हो रहा है। धर्म की आड़ में हो रही जुल्म ज्यादती चरम सीमा पर पहुंच गई है। हिंदूत्व की आड़ में ज्यादा शोषण हो रहा है।
इनकी गलत कृषि नीतियों के चलते किसान वर्ग आंदोलित रहा है। साथ ही इनकी गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इस कारण छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी परेशान है। अब केंद्र में पूर्व की सरकारों की तरह भाजपा सरकार में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है।
देश में फैला भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। अपने देश की सीमाएं भी पूरी तौर पर सुरक्षित नहीं है। यह बड़ी चिंता का विषय है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा सहयोगी पार्टियों को केंद्र की सत्ता में आने से रोकना है। ऐसी स्थिति में पार्टियां शाम, दाम, दंड अपनाकर केंद्र की सत्ता में आने में लगी हैं।
इनसे सावधान रहने की जरूरत है। अपने पक्ष में हवा बनाने में मीडिया ओपिनियन पोल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्टी के लोगों को गुमराह नहीं होना है। इनके हवा हवाई प्रलोभन और चुनावी घोषणा पत्रों में नहीं पड़ना है।
ये दल चुनाव समाप्त होने पर घोषणा अमल में नहीं लाते हैं। हमारी पार्टी कोई चुनावी घोषणा पत्र जारी नहीं करती है। बसपा कहने की जगह करने में विश्वास रखती है। बसपा चार बार बगैर घोषणा पत्र जारी किए सरकार चला चुकी है।