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BSP Rally: बसपा अकेली लड़ रही चुनाव, मायावती का भाजपा पर हमला, कहा- धर्म की आड़ में मुस्लिमों पर अत्याचार

Mon, 15 Apr 2024 12:58 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार धर्म के नाम पर मुस्लिमों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के साथ ही सपा सरकार पर भी कई आरोप लगाए। 
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मुरादाबाद में रैली के दौरान बसपा नेता मायावती - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भाजपा की आर्थिक और कृषि नीतियों पर जमकर प्रहार किया। आरोप लगाया कि भाजपा ने पूंजीपतियों को मालामाल करने और उनको बचाने का काम किया। लगता है कि कांग्रेस की तरह भाजपा अब केंद्र की सत्ता में नहीं आने वाली है।

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रामलीला मैदान में आयोजित लोकसभा की चुनावी रैली के दौरान बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने पुराने तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि भीड़ के जोश को देखकर मुझे काफी हद तक भरोसा हो गया है कि पिछली बार की तरह इस बार प्रदेश और यहां लोकसभा में बेहतर परिणाम लाएंगे।

आजादी के बाद शुरू में केंद्र और देश के काफी राज्यों में ज्यादातर सत्ता कांग्रेस के हाथों में केंद्रित थीं लेकिन उनकी गलत नीतियों और कार्यप्रणाली के चलते केंद्र के साथ काफी राज्यों में उनको सत्ता से बाहर होना पड़ा। यही स्थिति इनके सहयोगी दलों की रही।
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कुछ वर्षों से भाजपा और उनके सहयोगी केंद्र और काफी राज्यों की सत्ता में काबिज हो गए हैं। भाजपा एंड कंपनी के लोगों की ज्यादातर जातिवादी, पूंजीवादी, संकीर्ण, सांप्रदायिक और द्वेष पूर्ण नीतियों के साथ कथनी और करनी में काफी अंतर हो गया है।

अब ऐसा लगता है कि यह पार्टी केंद्र की सत्ता में आसानी से वापस आने वाली नहीं है। चुनाव में कोई भी पुरानी और नई चल रही नाटकबाजी, जुमलेबाजी और गारंटी काम में आने वाली नहीं है। अब देश की जनता काफी हद तक इस बात को समझ चुकी है।

भाजपा ने गरीबों, कमजोर तबकों, मध्यम वर्गों एवं मेहनतकश लोगों को अच्छे दिन दिखाने के साथ असंख्य प्रलोभन भरे वायदे कर हवा हवाई कागजी गारंटी दी हैं लेकिन जमीनी हकीकत में एक चौथाई हिस्सा भी भाजपा सरकार ने काम नहीं किया।

इनकी ज्यादा ताकत और समय अपने चहेते रहे बड़े- बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों को ज्यादा से ज्यादा धनवान करने, छूट देने और बचाने में लगी रहती है। पूंजीपतियों के आर्थिक सहयोग से राजनीतिक दल चलते हैं और चुनाव लड़ते हैं।

इलेक्टोरल बांड की आई रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इसके साथ ही अब ऐसा लगता है कि कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी केंद्र की सरकारी जांच एजेंसियों का ज्यादातर राजनीतिकरण कर दिया है। इसके अलावा देश के किसान वर्तमान भाजपा सरकार में शुरू से दुखी और परेशान रहे हैं। किसानों ने सड़क पर आंदोलन भी किया है।

मुस्लिम और अल्पसंख्यक समाज की हालत ज्यादा खराब

बसपा नेता ने कहा कि इस समय मुस्लिम और अल्पसंख्यक समाज की हालत ज्यादा खराब है। कुछ वर्षों से केंद्र और राज्यों में भाजपा और आरएसएस की सरकारों के चलते विकास नहीं हो रहा है। धर्म की आड़ में हो रही जुल्म ज्यादती चरम सीमा पर पहुंच गई है। हिंदूत्व की आड़ में ज्यादा शोषण हो रहा है।

इनकी गलत कृषि नीतियों के चलते किसान वर्ग आंदोलित रहा है। साथ ही इनकी गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इस कारण छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी परेशान है। अब केंद्र में पूर्व की सरकारों की तरह भाजपा सरकार में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है।

देश में फैला भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। अपने देश की सीमाएं भी पूरी तौर पर सुरक्षित नहीं है। यह बड़ी चिंता का विषय है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा सहयोगी पार्टियों को केंद्र की सत्ता में आने से रोकना है। ऐसी स्थिति में पार्टियां शाम, दाम, दंड अपनाकर केंद्र की सत्ता में आने में लगी हैं।

इनसे सावधान रहने की जरूरत है। अपने पक्ष में हवा बनाने में मीडिया ओपिनियन पोल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्टी के लोगों को गुमराह नहीं होना है। इनके हवा हवाई प्रलोभन और चुनावी घोषणा पत्रों में नहीं पड़ना है।

ये दल चुनाव समाप्त होने पर घोषणा अमल में नहीं लाते हैं। हमारी पार्टी कोई चुनावी घोषणा पत्र जारी नहीं करती है। बसपा कहने की जगह करने में विश्वास रखती है। बसपा चार बार बगैर घोषणा पत्र जारी किए सरकार चला चुकी है।

 

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