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मुरादाबाद में नर्स से दरिंदगी: दो डॉक्टरों के दस्तावेजों पर एबीएम अस्पताल में पांच कर रहे थे काम, हो रही जांच

Thu, 22 Aug 2024 04:20 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

ठाकुरद्वारा के एबीएम अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टरों का पंजीकरण था। जांच में पता चला है कि वहां पांच चिकित्सक आते थे। उनका कोई भी दस्तावेज नहीं मिल सके हैं। आरोपी चिकित्सक शाहनवाज के जेल जाने के बाद वहां भर्ती सभी मरीजों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। 
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नर्स से दुष्कर्म करने के आरोपी डॉक्टर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ठाकुरद्वारा में नर्स से दुष्कर्म के आरोपी डॉ. शाहनवाज के एबीएम अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टरों का पंजीकरण था। एमबीबीएस डॉ. हिमांशु चौधरी व सर्जन डॉ. सरताज आलम के दस्तावेजों पर अस्पताल में ओपीडी व सर्जरी चल रही थी। इनका फायदा उठाकर अन्य तीन डॉक्टर भी अस्पताल में आते थे।

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इनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास विभाग कर रहा है। अस्पताल संचालक डॉ. शाहनवाज खुद बीयूएमएस डॉक्टर है, जोकि अपने अस्पताल में एलोपैथिक दवाएं मरीजों को लिख रहा था। आस पास के लोगों का कहना है कि अस्पताल में काशीपुर से भी डॉक्टर आते थे।

स्वास्थ्य विभाग को जांच पड़ताल में सर्जरी की नौ फाइलें मिली हैं, जिन पर किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं है। अब अंदेशा लगाया जा रहा है कि किसी झोलाछाप ने सर्जन के नाम पर यह सर्जरी की हैं। बाद में सर्जन के हस्ताक्षर के लिए फाइलों को यूं ही छोड़ दिया गया।
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इस मुद्दे पर विभाग अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है। जांच अधिकारी शरीफनगर सीएचसी के एमओआईसी जब मौके पर पहुंचे थे तो उन्हें अस्पताल में पांच मरीज भर्ती मिले थे। इनके अलावा कोई डॉक्टर, पैरामेडिकल या सपोर्टिंग स्टाफ नहीं था।

इसे आधार बनाते हुए अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने व सील करने की कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को सरकारी अस्पताल  में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस मंगाईं तो मरीज के परिजन उन्हें निजी गाड़ियों से दूसरे प्राइवेट अस्पताल में ले गए। 

बिना भौतिक सत्यापन हो गया पंजीयन नवीनीकरण 

कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने एबीएम अस्पताल के पंजीयन का नवीनीकरण किया है। विभागीय नियम के अनुसार पंजीयन नवीनीकरण के लिए नोडल अधिकारी व उनकी टीम मौके पर जाकर सत्यापन करती है। जिन डॉक्टरों के दस्तावेज संचालक द्वारा दिए गए हैं, उनकी मौजूदगी जरूरी होती है।

इसके अलावा सभी स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था, फायर व इलेक्ट्रिक एनओसी समेत तमाम चीजें देखी जाती हैं। जबकि एबीएम अस्पताल का पंजीयन बिना मौके पर जाए नवीनीकरण कर दिया गया। हालांकि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि वह मौके पर थे, लेकिन फोटा या वीडियो नहीं दिखा सके। 

विभाग की ओर से एबीएम अस्पताल को सील कर दिया गया है। पंजीकरण निरस्त कर एफआईआर भी करा दी गई है। कानूनी कार्रवाई का कार्य पुलिस विभाग का है। मैं नियमों का अध्ययन कर रहा हूं, उनके मुताबिक यदि कुछ और कार्रवाई की जा सकती है तो वह भी होगी।  - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ

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