ठाकुरद्वारा में नर्स से दुष्कर्म के आरोपी डॉ. शाहनवाज के एबीएम अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टरों का पंजीकरण था। एमबीबीएस डॉ. हिमांशु चौधरी व सर्जन डॉ. सरताज आलम के दस्तावेजों पर अस्पताल में ओपीडी व सर्जरी चल रही थी। इनका फायदा उठाकर अन्य तीन डॉक्टर भी अस्पताल में आते थे।
कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने एबीएम अस्पताल के पंजीयन का नवीनीकरण किया है। विभागीय नियम के अनुसार पंजीयन नवीनीकरण के लिए नोडल अधिकारी व उनकी टीम मौके पर जाकर सत्यापन करती है। जिन डॉक्टरों के दस्तावेज संचालक द्वारा दिए गए हैं, उनकी मौजूदगी जरूरी होती है।
इसके अलावा सभी स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था, फायर व इलेक्ट्रिक एनओसी समेत तमाम चीजें देखी जाती हैं। जबकि एबीएम अस्पताल का पंजीयन बिना मौके पर जाए नवीनीकरण कर दिया गया। हालांकि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि वह मौके पर थे, लेकिन फोटा या वीडियो नहीं दिखा सके।
विभाग की ओर से एबीएम अस्पताल को सील कर दिया गया है। पंजीकरण निरस्त कर एफआईआर भी करा दी गई है। कानूनी कार्रवाई का कार्य पुलिस विभाग का है। मैं नियमों का अध्ययन कर रहा हूं, उनके मुताबिक यदि कुछ और कार्रवाई की जा सकती है तो वह भी होगी। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ