आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने तीन प्रकोष्ठों और भाजयुमो की स्थानीय इकाई को छोड़कर सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी व संयोजक घोषित कर दिए हैं। पार्टी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयार हैं। विधानसभा प्रभारियों और पालकों तक की घोषणा कर दी गई है। वहीं खुद को प्रमुख विपक्षी दल बताने वाली सपा अब तक संगठन का विस्तार नहीं कर पाई है। जिला और महानगर कमेटी तक घोषित नहीं हुई है।
करीब पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मी बढ़ने लगी है। जहां प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नेताओं ने जोड़ तोड़ शुरू कर दिया है। वहीं स्थानीय स्तर पर पार्टियां संगठन को धार देने में जुटी है। भाजपा ने जिले से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक के प्रकोष्ठों को घोषणा कर दी है।
सिर्फ अनुसूचित जाति, पिछड़ा और अल्पसंख्यक मोर्चा का विस्तार होना बाकी है। जबकि युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष की अभी घोषणा की जानी है। प्रमुख विपक्षी दलों में शुमार सपा में जिला और महानगर के साथ कुछ प्रकोष्ठों के अध्यक्ष घोषित कर दिए गए हैं। लेकिन अभी तक इनका विस्तार नहीं हो सका है। दूसरी ओर बसपा और कांग्रेस कार्यक्रमों के जरिए जनता को जोड़ने में जुटी हैं।