मुरादाबाद मंडल में 2014 के प्रदर्शन को दोहराने के लिए आतुर भाजपा ने मुरादाबाद लोकसभा सीट पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। मंडल की चार सीटों पर पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। सुरक्षित सीट नगीना को छोड़ तीनों प्रत्याशी पिछड़े वर्ग हैं। ऐसे में सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा जातिगत समीकरण साधने के लिए सवर्ण या मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव लगा सकती है।
फिलहाल मुरादाबाद सीट को लेकर रानीतिक गलियारों में कयासबाजी जारी है। 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ रहने वाली रालोद अब एनडीए में शामिल हो गई है। भाजपा और रालोद के बीच सीटों का बंटवारा भी हो चुका है। रालोद के हिस्से में पश्चिमी यूपी की दो सीटें आई हैं। इसमें मुरादाबाद मंडल की बिजनौर और मेरठ मंडल की बागपत लोकसभा सीट शामिल हैं।
मुरादाबाद मंडल की छह में से पांच सीटों पर भाजपा अपना उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी ने रामपुर से घनश्याम लोधी, संभल से परमेश्वर लाल सैनी, अमरोहा से कंवर सिंह तंवर, नगीना से ओम कुमार को प्रत्याशी बनाया है। मंडल में जातिगत समीकरण को साधने के लिए सैनी, गुर्जर और लोधी बिरादरी के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। ये सभी पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं।
जबकि नगीना लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। वहीं गठबंधन में शामिल रालोद ने बिजनौर सीट से चंदन चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। जो गुर्जर बिरादरी से आते हैं। ऐसे में सुरक्षित सीट नगीना को छोड़कर और रालोद के प्रत्याशी मिलाकर देखा जाए तो मंडल की पांच में से चार सीटों पर पिछड़े ही उम्मीदवार हैं।
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। प्रत्याशी के नाम पर अभी मंथन चल रहा है। इस सीट से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, पूर्व सांसद सर्वेश ङ्क्षसह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, उनके पति डॉ. ब्रजेश सिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, डॉ. विजय सिंह चौहान प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
ऐसे में अब कयास लगाई जा रही है कि मुरादाबाद से पार्टी किसी सवर्ण उम्मीदवार पर दांव लगा सकती है। या फिर सबका साथ सबका विकास का संदेश देने के लिए किसी मुस्लिम को भी प्रत्याशी बना सकती है।