गैंगस्टर एक्ट के दो आरोपियों को अदालत ने दोषी मानते हुए ढाई-ढाई साल की कठोर कारावास के साथ साथ प्रत्येक पर पांच- पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
तत्कालीन जीआरपी थाना प्रभारी पंकज पंत ने 20 मई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें अभिषेक उर्फ डब्बू निवासी कांशीराम नगर थाना मझोला व बाबू उर्फ जुनैद निवासी जामा मस्जिद थाना मुगलपुरा को आरोपी बनाते हुए कहा था कि यह दोनों अपना गैंग बनाकर ट्रेनों में चोरी व लूटपाट करके अवैध रूप से धन लाभ प्राप्त करते हैं। इनके ऊपर अन्य चोरी व लूटपाट के मुकदमे भी थाने में दर्ज हैं। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज पंचम शैलेंद्र सचान की अदालत में की गई। आरोपियों ने अपने बचाव में कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। सरकार की ओर से बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक राजीव त्यागी ने दलील दी कि दोनों आरोपियों द्वारा ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों के साथ चोरी व लूट की घटना को अंजाम दिया जाता था। कई मुसाफिरों ने आरोपियों के खिलाफ थाना जीआरपी में मुकदमा भी दर्ज कराया था। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार देते हुए उसे दो साल छह माह के कठोर कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।