कांठ में एसडीएम की मौजूदगी में त्रिपक्षीय वार्ता करते भाकियू कार्यकर्ता। संवाद
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भारतीय किसान यूनियन की गन्ना समस्याओं को लेकर अधिकारियों के साथ हुई त्रिपक्षीय वार्ता में किसानों ने कांठ स्थित गन्ना क्रय केंद्र की पर्चियां बढ़ाए जाने का मुद्दा उठाया। साथ ही गन्ना भुगतान में देरी होने पर रोष व्यक्त किया। गन्ना पर्चियों के संबंध में लिखित आश्वासन मिलने पर किसान शांत हुए।
सोमवार को कांठ तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता और जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अजय सिंह की अध्यक्षता में हुई भाकियू की चीनी मिल अधिकारियों से त्रिपक्षीय वार्ता में किसानों ने कांठ स्थित अवध चीनी मिल स्योहारा बिजनौर के गन्ना क्रय केंद्र पर किसानों को मिल रही कम गन्ना पर्चियों का मुद्दा उठाया। किसानों ने गन्ना पर्चियां नहीं बढ़ाने पर गन्ने की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने स्योहारा चीनी मिल अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक ने प्रतिदिन 1500 क्विंटल गन्ने की खरीद करने का लिखित आश्वासन भाकियू पदाधिकारियों को दिया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी ने स्योहारा चीनी मिल और त्रिवेणी चीनी मिल रानी नांगल के गन्ना भुगतान की समीक्षा भी की। स्योहारा मिल की ओर से 16 मार्च और त्रिवेणी मिल की ओर से 27 मार्च तक का गन्ना भुगतान सहकारी गन्ना विकास समिति कांठ को भेजा जा चुका है।
इस अवसर पर वार्ता में भाकियू के तहसील अध्यक्ष जितेंद्र विश्नोई जीतू, जिला उपाध्यक्ष हरदीप सिंह, जिला मंत्री नवनीत विश्नोई, हाजी इमरान, महेश ठाकुर, राजेंद्र सिंह, नगराध्यक्ष कुलवीर सिंह, पवन शर्मा, सियाराम विश्नोई, पिंटू विश्नोई आदि के साथ ही स्योहारा मिल से सुरेंद्र सिंह, राजीव चौधरी, त्रिवेणी मिल के योगेंद्र यादव, सहकारी गन्ना विकास समिति कांठ के सचिव मुकेश कुमार सक्सेना आदि रहे।