पुलिस के नोटिस की समय सीमा बीत जाने के बाद भी आजम खां की पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा, उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम ने अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। पुलिस विधायक नसीर खां का बयान लेने भी गई थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए कोई बयान नहीं दिया कि उनको जो कुछ कहना था वह पहले ही कह चुके हैं।
पुलिस आलियागंज के किसानों की ओर से जमीन कब्जाए जाने के आरोप में दर्ज मुकदमों की जांच कर रही है। किसानों ने इस प्रकरण में 26 मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसकी जांच के लिए एसपी ने स्थानीय स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
एसआईटी ने जब जमीन से संबंधी जानकारी के लिए जौहर यूनिवर्सिटी के वीसी और रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया तो उनकी ओर कहा गया है कि वह सिर्फ प्रशासनिक मामले देखते हैं। जमीन जौहर ट्रस्ट की है। इसके बाद पुलिस ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इस मामले में बयान दर्ज कराने का नोटिस जारी किया था।
डॉ. तजीन फात्मा, अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारी हैं। पुलिस ने तीनों को नौ सितंबर को नोटिस जारी किया था और तीन दिन के अंदर महिला थाने में आकर बयान दर्ज कराने की बात कही थी।
पुलिस ने यह भी कहा था कि अपनी सुविधानुसार कोई जगह और समय बता दें, ताकि पुलिस बयान दर्ज कर सके, लेकिन तीनों ने बयान दर्ज नहीं कराए और ना ही पुलिस से कोई संपर्क किया। दूसरी ओर बुधवार को पुलिस इस मामले में विधायक नसीर खां का बयान लेने के लिए गई थी।
नसीर खां कुछ दिन पहले अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। नसीर खां ने पुलिस से कहा कि अब उनको कुछ नहीं कहना है। मैंने पहले जो बयान दिया था, वही बयान आज भी है। लिहाजा पुलिस वापस आ गई। इस मामले के विवेचक निरीक्षक दिनेश गौड़ का कहना है कि नोटिस जारी होने के बाद डॉ. फात्मा, अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम ने अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं।
उनका कहना है कि हमारी जांच तो जारी है। हम तो जांच में सहयोग मांग रहे हैं। अगर अभी नहीं आए हैं तो फिर से बयान दर्ज कराने को कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि विधायक नसीर खां ने इस मामले में बुधवार को कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।