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रिश्ते की डोर: जिंदगी का ज्योतिष...जन्मपत्री नहीं, विवाह से पहले मिलाई जा रही हैं मेडिकल कुंडली

Mon, 26 Feb 2024 04:27 PM IST
विमल शर्मा शिवम वर्मा, मुरादाबाद

सार

समय बदलने के साथ ही शादी के तरीके भी बदल रहे हैं। शादी के लिए लोग अब मेडिकल कुंडली मिलाने पर जोर दे रहे हैं। इसका चलन लगातार बढ़ रहा है। चिकित्सक भी इसे जरूरी बता रहे हैं। 
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गौरव कश्यप व ऋतु कश्यप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपने विवाह से पहले जन्म कुंडली और लड़के व लड़की के गुण मिलाने की बात जरूर सुनी होगी। अब समय के साथ जिंदगी का ज्योतिष भी आधुनिक हो रहा है। जन्म कुंडली मिलाने से ज्यादा युवा मेडिकल कुंडली मिलाने पर जोर दे रहे हैं। लड़का व लड़की दोनों के मन में यह सवाल है कि जिसके साथ हमें पूरी उम्र बितानी है, कहीं वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित तो नहीं।

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इसके लिए दोनों पक्ष डॉक्टरों की सलाह पर अपनी-अपनी मेडिकल जांच करा रहे हैं। जिंदगीभर के साथ का सवाल होने के कारण परिवारों को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं है। बल्कि उनका कहना है कि यदि कोई बीमारी सामने आती है तो समय रहते पता चल जाएगा और इलाज हो सकेगा।

इनमें बीपी, शुगर से लेकर हेपेटाइटिस, सर्वाइकल कैंसर (यदि लक्षण हैं तो), किडनी व लिवर संबंधी जांचें भी शामिल हैं। यहां तक कि कई जोड़े शादी से पहले बीएमआई व आईक्यू टेस्ट को भी तरजीह दे रहे हैं। चिकित्सकों के पास ऐसे कई मामले आए हैं।

 

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सुनील व योगिता - फोटो : अमर उजाला

ये जांचें महत्वपूर्ण बताते हैं डॉक्टर

इनफर्टिलिटी टेस्ट: पुरुषों के स्पर्म काउंट और महिलाओं की ओवरी हेल्थ के बारे में जानने के लिए इनफर्टिलिटी टेस्ट करवाना काफी जरूरी होता है। शरीर में इनफर्टिलिटी से जुड़े कोई भी लक्षण पहले से नजर नहीं आते, इसके बारे में टेस्ट के जरिए ही जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

ब्लड ग्रुप कंपैटिबिलिटी टेस्ट: ये कोई बहुत जरूरी टेस्ट नहीं होता है, लेकिन फैमिली प्लानिंग के लिहाज से महवत्वूर्ण है। यह जरूरी है कि आपका और आपके जीवन साथी का आरएच फैक्टर एक जैसा हो। दोनों के ब्लड ग्रुप अनुकूल नहीं होते तो प्रेग्नेंसी के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अनुवांशिक बीमारियों से जुड़ा टेस्ट 

शादी से पहले जेनेटिक टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। स्तन कैंसर, पेट का कैंसर, किडनी की बीमारी और डायबिटीज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आसानी से जा सकती हैं। इन बीमारियों का पता अगर पहले ही लग जाए तो समय पर इलाज किया जा सकता है।
 

प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
लाइनपार प्रेम नगर निवासी गौरव कश्यप व ऋतु कश्यप की शादी 29 नवंबर 2023 को हुई। गौरव एथलिट हैं और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हैं। उन्होंने बताया कि शादी से पहले दोनों ने डॉक्टर से सलाह लेकर रक्त की कुछ जांचें कराईं। परिजनों ने भी इसे जागरूकता भरा कदम बताया। जांच कराने का उद्देश्य सिर्फ इतना था कि कोई दिक्कत हो तो उसे इलाज से सही किया जा सके। दोनों की रिपोर्ट नॉर्मल थी।
 

शादी - फोटो : अमर उजाला
लाजपतनगर निवासी सुनील व योगिता की शादी 10 फरवरी को हुई है। सुनील एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन हैं। शादी से पहले पति-पत्नी ने डॉक्टर की सलाह पर महत्वपूर्ण जांचें कराईं। उनका शुगर लेवल थोड़ा बढ़ा हुआ था, जिसके बाद डॉक्टर ने एचबीए-1सी जांच कराने की सलाह दी। योगिता की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल थीं। सुनील को रोजाना व्यायाम करने व कार्बोहाइड्रेट्स कम खाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि घर में भी समय समय पर सबकी जांच कराते रहते हैं। 
 

शादी का चूड़ा - फोटो : Amar Ujala
कुंदरकी के फरहेदी निवासी अंकित सैनी की शादी बॉबी सैनी से 18 फरवरी 2022 को हुई थी। अब दोनों मुरादाबाद की एकता विहार कॉलोनी में रहते हैंं। दोनों ने  बताया कि उन्होंने शादी  से पहले  रक्त की सभी जरूरी जांचें कराईं। साथ ही इनफर्टिलिटी टेस्ट भी कराया। अंकित का हीमोग्लोबीन कम था, जिसे दवा व डाइट से सुधार लिया गया। दोनों के परिजनों ने भी जांच कराने के लिए कोई एतराज नहीं जताया। आज दोनों खुश जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं।
 

- फोटो : istock

बिलारी के ग्राम मिलक बहांपुर निवासी विपिन सैनी स्वास्थ्य विभाग में सीएचओ के पद पर तैनात पर हैं। उनकी शादी 26 फरवरी 2024 को अंशु सैनी के साथ होनी है। विपिन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ने के बाद उन्हें काफी बीमारियों के बारे में जानकारी हुई। इसलिए होने वाली पत्नी के परिजनों से बात कर सभी जरूरी जांचें कराईं। घरवालों ने थोड़ी आपत्ति जरूर जताई लेकिन उन्होंने जांचों का महत्व समझाया तो सब मान गए। दोनों की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं। आरबीसी बॉर्डर लाइन पर होने के कारण डॉक्टर ने हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी है।

 
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डॉ. हिमांशु - फोटो : अमर उजाला

मैं ऐसे जोड़ों को जागरूक मानता हूं जो शादी से पहले मेडिकल परीक्षण कराते हैं। यदि पुरुष और महिला का हीमोग्लोबिन हमेशा कम रहता है, आयरन की कमी नहीं है तो हेमेटोलॉजिस्ट से जरूर सलाह लेनी चाहिए। थैलेसीमिक माइनर माता-पिता का बच्चा थैलेसीमिक मेजर पैदा हो सकता है। जिसे दो माह की उम्र से ही रक्त चढ़ाना पड़ता है। - डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, हेमेटोलॉजिस्ट

 
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