मुरादाबाद। मुगलपुरा के बहुचर्चित जहांगीर हत्याकांड में एमडीए के पूर्व सदस्य सपा नेता समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। थाना प्रभारी को आदेशित किया है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें।
मुगलपुरा थानाक्षेत्र में 16 जुलाई 2017 की रात करीब ग्यारह बजे जहांगीर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जहांगीर के मामा तस्लीम निवासी मोहल्ला लाल स्कूल ने मुगलपुरा थाने में रेहान, फैजान, हिलाल,शरफू व एमडीए के पूर्व सदस्य सपा सलाउद्दीन मंसूरी और एक अज्ञात के खिलाफ बलवा व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने केस के वादी तस्लीम के भाई भोला उर्फ शहजाद और शहनवाज, नसीम और उजैर को आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में नामजद आरोपियों के खिलाफ ही बयान दर्ज थे। जिसकी सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट 5 शेलेन्द्र सचान की अदालत में चल रही है। इस मुकदमे में आरोपी नसीम उर्फ लंबू व शहजाद जिला जेल में बंद है। अदालत ने पिछली तिथि पर सभी आरोपियों को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया था, किन्तु आरोपियों ने अदालत के आदेश की अवहेलना की। इससे पूर्व भी अदालत ने आरोपी सपा नेता सलाउद्दीन समेत उसके भाई रेहान, फैजान, शरफू, व हिलाल को उपस्थित होने का अवसर प्रदान किया था। अदालत ने मामले में संज्ञान लेते हुए माना कि आरोपी अदालती कार्यवाही में सहयोग नहीं कर रहे। इन आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती/ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए थाना प्रभारी मुगलपुरा को आदेश जारी किया है कि आरोपियों 23 नवंबर तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश करेें।
2012 में हुई थी सपा नेता के चाचा की हत्या
मुरादाबाद। सपा नेता सलाउद्दीन मंसूरी के चाचा अहद ने नूरजहां से निकाह किया था। जिससे दो बेटे जहांगीर और आलमगीर हुए थे। इसके बाद अहद ने नूर जहां को तलाक देकर दूसरी महिला रेशमा बेगम से निकाह कर लिया था। 2012 में अहद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में नूर जहां के भतीजे भोला उर्फ शहजाद, दो भाई नसीम और लईक, भतीजा अनवर को जेल भेजा गया था। नूर जहां के बेटे जहांगीर ने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी लेने के लिए तैयारी कर रहा था। इसी बीच 16 जुलाई 2017 को रात ग्यारह बजे जहांगीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।