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...और तीन ग्राम पंचायत अधिकारी पहुंचे हाईकोर्ट

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मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल में खर्च की गई धनराशि में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में निलंबित किए गए मूंढापांडे ब्लॉक के तीन अन्य ग्राम पंचायत सचिवों ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इनकी याचिकाओं पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
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शासन द्वारा गठित विशेष जांच टीम ने जिले में प्रशासकों के कार्यकाल में कार्ययोजना टुकड़ों में बनाने, बाजार से लगभग दोगुनी कीमत पर केंद्रीयकृत रूप से एक ही फर्म से वाटर कूलर खरीदने, एक ही फर्म से बेंचें व स्ट्रीट लाइट खरीदने, हैंडपंप मरम्मत व रीबोर के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग पाया था। टीम की रिपोर्ट पर शासन ने 12 नवंबर 2021 को नौ ग्राम पंचायत सचिवों, दो एडीओ पंचायत तथा तत्कालीन डीपीआरओ को निलंबित करने का आदेश दिया था। इस पर वर्तमान डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। डीपीआरओ द्वारा जारी निलंबन आदेश के विरुद्ध ब्लॉक मूंढापांडे के ग्राम पंचायत अधिकारी अथर फहीम, इंतजार हुसैन, मोहन सिंह रावत, नरेश सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
शुक्रवार को सुनवाई के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी अथर फहीम के निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए सरकार से छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा था। ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने से पूर्व डीएम का अनुमोदन प्राप्त करने संबंधी शासनादेश का उल्लंघन करने पर अथर फ हीम को स्टे मिल गया है।
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हाईकोर्ट द्वारा अथर फ हीम के निलंबन पर रोक लगाने का आदेश आने के बाद ग्राम पंचायत अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं जिलास्तर पर प्रशासकों द्वारा किए गए घोटाले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने और इस शासनादेश का जानबूझकर उल्लंघन किए जाने के आरोप डीपीआरओ कार्यालय पर लग रहे हैं। हाल ही में उपनिदेशक पंचायत की निरीक्षण आख्या पर मंडलायुक्त के आदेश के बावजूद पहले काफी दिनों तक फाइल को दबाए रखना और कमिश्नर के रिमाइंडर भेजने के बाद महज प्रतिकूल प्रविष्टि देकर कर्तव्यों की इतिश्री कर लेना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
हाईकोर्ट की अलग-अलग पीठों में हो रही सुनवाई
मुरादाबाद। निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारियों की याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की अलग-अलग पीठों में सुनवाई हो रही है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने सुनवाई के बाद अथर फ हीम के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। वहीं, आठ दिसंबर 2021 को सुनवाई के बाद इंतजार हुसैन तथा मोहन सिंह रावत की अलग-अलग याचिकाओं पर न्यायमूर्ति आलोक माथुर की पीठ ने स्टैंडिंग काउंसिल से निर्देश मांगें हैं। साथ ही सुनवाई के लिए 13 दिसंबर 2021 की तिथि नियत की है। ग्राम पंचायत अधिकारी नरेश सिंह की याचिका पर 17 दिसंबर 2021 को न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की एकल पीठ सुनवाई करेगी।
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