मुरादाबाद। बदलते दौर में पति-पत्नी के बीच पैदा हो रही शक की खाई पाट कर नारी उत्थान केंद्र की टीम परिवारों को बिखरने से बचा रही है। नारी उत्थान केंद्र से 730 दिन में 42 सौ दंपती आपसी मनमुटाव मिटाकर एक दूसरे का हाथ थाम हंसी खुशी से विदा हुए हैं।
पति-पत्नी के बीच होने वाले छोटे-छोटे विवादों में केस दर्ज होने से परिवार बिखर जाते हैं। दंपती के झगड़े होने से इनके बच्चों का भविष्य भी अंधकार में चला जाता है। इन परिवारों को टूटने से बचाने के लिए नारी उत्थान केंद्र में दोनों की काउंसलिंग की जाती है। पुलिस लाइन स्थित नारी उत्थान केंद्र में पति-पत्नी का पक्ष सुना जाता है। इसके बाद दोनों को समझाया जाता है कि उनके इस निर्णय की वजह से उनके बच्चों का भविष्य क्या होगा। इसके बाद पति-पत्नी मनमुटाव मिटाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो जाते हैं। नारी उत्थान केंद्र में हर रोज पांच परिवारों को टूटने से बचाया जा रहा है। पिछले दो साल में 42 सौ दंपती के बीच समझौता हो चुका है। 2020 में 2403 मामले नारी उत्थान केंद्र में पहुंचे थे। सभी मामलों में काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के बाद 2024 मामलों में समझौता हो गया। इसी तरह 2021 में 2920 मामले नारी उत्थान केंद्र में पहुंचे, जिसमें से 2176 मामलों में समझौता हुआ। 2022 में 72 मामले नारी उत्थान केंद्र में पहुंच चुके हैं। चौबीस मामलों में पति-पत्नी विवाद भूलाकर साथ रहने को तैयार हो गए हैं। जबकि अन्य मामलों में अभी काउंसलिंग चल रही है।
आते हैं गुस्से में और जाते हैं खुश होकर
मुरादाबाद। नारी उत्थान केंद्र में पति पत्नी एक दूसरे की तमाम शिकायतें लेकर आते हैं। पति पत्नी को तीन से चार बार काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है। शुरुआत में दोनों एक दूसरे पर बहुत गुस्सा करते हैं, लेकिन काउंसलिंग के बाद ज्यादातर मामलों में मनमुटाव भूलाकर खुश होकर जाते हैं।
प्रति दिन आठ से दस शिकायती पत्र आते हैं। दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की जाती है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई जाती है। काउंसलिंग के बाद दोनों साथ रहने को तैयार हो जाते हैं। अगर दंपती के बीच समझौता नहीं होता है तो उसे केस दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने को प्रार्थना भेज दिया जाता है।
संदीपा चौधरी, प्रभारी नारी उत्थान केंद्र
नारी उत्थान केंद्र में पति पत्नी की काउंसलिंग कर विवाद मिटाए जाते हैं। इसके बाद पति पत्नी साथ रहने को तैयार हो जाते हैं। पंद्रह दिन बाद फिर से दोनों को बुलाकर पूछताछ की जाती है कि दोनों ने खुश हैं या फिर से फिर से कोई विवाद तो नहीं शुरू हो गया है।
ऋतु नारंग, काउंसलर