मुरादाबाद। रामगंगा पुल की मरम्मत करने के दौरान कुल 12 बेयरिंग बदली जाएंगी। पुल को जोड़ने के लिए नए एक्सटेंशन भी लगाए जाएंगे। पुल को मजबूती देने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मंगलवार से पुल की मरम्मत का काम शुरू भी कर दिया गया।
छह दशक से ज्यादा पुराने रामगंगा पुल की पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने सात माह पहले जांच की थी। जांच में पुल की दो बेयरिंग खिसकी मिली थीं। इस कारण पुल वाहनों के गुजरने पर बिल्कुल हिल नहीं रहा था। खतरे को देखते हुए मुंबई के अलावा सेतु निगम के अभियंताओं ने भी पुल का निरीक्षण किया था और पुल से वाहनों के आवागमन को खतरनाक बताया था।
पुल की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी के प्रस्ताव पर शासन ने तत्काल 94 लाख रुपये स्वीकृत कर जारी कर दिए थे। पुल की मरम्मत का ठेका सनराइज कंपनी को मिला है। कंपनी के अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि पुल की स्थिति ठीक है। बेयरिंग खराब होने के कारण मरम्मत की जरूरत पड़ी है। मंगलवार को एक्सटेंशन पर कार्य किया गया।
उन्होंने बताया कि हाइड्रोलिक जैक से पुल को उठाकर सभी 12 बेयरिंग बदली जाएंगी। नए एक्सटेंशन लगाए जाएंगे ताकि पुल की मजबूती में कोई कमी न रहे। एक माह में कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मरम्मत के दाैरान अन्य कार्य भी करने पड़ सकते हैं, इसलिए जिला प्रशासन से दो माह का समय लिया गया है।
पुल की मरम्मत करने के लिए हाइड्रोलिक जैक, ब्रेकिंग मशीन, हैमर, पावर पैक, हाइड्रा क्रेन मंगाए गए हैं। कार्य शुरू करने से पहले पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह और अधिशासी अभियंता कुलदीप संत ने पुल का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को आवश्यक जानकारी दी।