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लाखों रुपये के फ्लैटों में सस्ती सुविधाएं, पिकनिक स्पॉट के नाम पर सिर्फ कीचड़

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मुरादाबाद। आवास विकास बुद्धि विहार के योजना संख्या चार, भाग दो में बने फ्लैटों में रहने वाले लोग परेशान हैं। यहां पर बनाए गए फ्लैटों को आवास विकास ने बड़े सपने दिखाकर लोगों को लाखों रुपये में फ्लैट बेचे। अब यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। लोगों की शिकायत है कि न पीने के लिए ताजा पानी मिलता है और न ही कालोनी में स्ट्रीट लाइटें जलती हैं।
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स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण रात में शरारती तत्व कालोनी में घूमते हैं। कई बार महिलाओं से अभद्रता हुई है। इसकी शिकायत कालोनी वासियों ने पांच बार जेई से लेकर एक्सईएन तक से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
आवास विकास ने वर्ष 2016 में इन फ्लैटों के लिए विज्ञापन जारी किया था। 21 लाख रुपये की लागत से टू बीएचके और 13 लाख की लागत से वन बीएचके फ्लैट तैयार किए गए। इसके लिए जारी की गई बुकलेट में लिखा है कि फ्लैट बनने के बाद कालोनी की चहारदीवारी आवास विकास करेगा। इसकी धनराशि लागत मूल्य में ही समाहित थी।
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साथ ही आसपास पेड़-पौधे लगाने, तालाब विकसित करने और साफ पानी की सप्लाई देने की शर्तें आवास विकास की बुकलेट में दी गई हैं। इसके बावजूद 96 फ्लैट बनने के बाद भी न तो आज तक चहारदीवारी की गई है और न ही तालाब बनाया गया है। तालाब के नाम पर खाली छोड़ी गई जगह में पशुओं ने गड्ढे बना लिए हैं। इनमें गंदा पानी भरा रहता है। इससे कालोनी में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा साफ-सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने अपने स्तर से एक सफाई कर्मी को नियुक्त किया है जोकि लोगों के घरों से कूड़ा ले जाता है।
पार्क और पिकनिक स्पॉट के नाम पर सिर्फ कीचड़
बुद्धि विहार योजना संख्या चार, भाग दो में बने इन फ्लैटों के बाहर पार्क और पिकनिक स्पॉट बनाने का आवास विकास ने दावा किया था। जबकि वास्तविकता यह है कि पार्क और पिकनिक स्पॉट के नाम पर खाली जगह में सिर्फ कीचड़ फैला हुआ है।
यहां पशु आकर गंदगी फैलाते हैं। बारिश के दिनों में यहां पानी भर जाता है और ज्यादातर कीचड़ रहती है। कालोनी वासियों का कहना है कि आवास विकास ने उनसे फ्लैटों के बदले में मोटी रकम वसूली है। अब सुविधाएं देने की बारी आई तो अधिकारी आंख-कान बंद किए बैठे हैं।
बिना बताए गठित की कमेटी और रद्द कर दी शर्तें
कालोनी वासियों की शिकायत है कि जब वे अपनी समस्याएं लेकर आवास विकास के अधिशासी अभियंता के पास गए तो उन्होंने बताया कि फ्लैटों के लिए कम आवेदन होने के कारण धन की कमी हुई।
इसके चलते आवास विकास की एक कमेटी ने बुकलेट में दी गई शर्तों को निरस्त कर दिया है। कालोनी वासियों डॉ. प्रवीन कुमार, हेमंत कुमार आदि का कहना है कि आवास विकास ने उन्हें बिना बताए कमेटी गठित की और सुविधाओं की सब शर्तें भी रद्द कर दीं।
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