मुरादाबाद। जिले में केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन 90 किसानों को अनुदान देगा। पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर यह अनुदान मिलेगा। इनमें से 30 किसान अनुसूचित जाति और 60 सामान्य वर्ग के होंगे।
जिले के किसान गन्ना, गेहूं और धान की खेती पर ही जोर दे रहे हैं, जबकि सरकार अधिक मुनाफे वाली दूसरी फसलों को भी बढ़ावा दे रही है। उद्यान विभाग के अनुसार केले की खेती अच्छा खासा मुनाफा देती है, लेकिन जिले के किसानों का इस तरफ ध्यान नहीं है। जिले में केले की खेती का रकबा केवल 35 हेक्टेयर है। शासन ने इस बार इसे बढ़ाकर 90 हेक्टेयर करने का लक्ष्य दिया है।
जिला उद्यान अधिकारी गया प्रसाद के अनुसार केले की फसल में एक लाख दो हजार 462 रुपये की प्रति हेक्टेयर की लागत आती है। सरकार इस पर 40 प्रतिशत अनुदान देेगी । इसका 75 प्रतिशत हिस्सा पहले वर्ष और 25 प्रतिशत हिस्सा दूसरे वर्ष में मिलेगा। शासन 90 किसानों को यह अनुदान देगा। इसमें 60 किसान सामान्य वर्ग व 30 अनुसूचित जाति के होंगे। अनुदान की रकम सीधे किसान के खाते में भेजी जाएगी। सब्सिडी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। संबधित किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।
ठाकुरद्वारा में अच्छी हो सकती है केले की फसल
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि केले की फसल में प्रति हेेक्टेयर 3 से 4 लाख रुपये तक का मुनाफा हो सकता है। मूंढापांडे क्षेत्र में कुछ किसानों ने केले की फसल लगाई है। ठाकुरद्वारा क्षेत्र तराई वाला क्षेत्र है इसलिए वहां की मिट्टी और जलवायु केले की फसल के लिए फायदेमंद है। केले की फसल को अधिक पानी की जरूरत नहीं है, उसे केवल नमी चाहिए।