मुरादाबाद। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अभी तक लखीमपुर खीरी में हुई घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकार ने इसके लिए 12 अक्तूबर तक का वादा कर रखा है। 12 अक्तूबर को वहां शहीद किसानों की रस्म तेरहवीं में वे जाएंगे और तभी आगे का निर्णय लिया जाएगा।
राकेश टिकैत बृहस्पतिवार शाम को लखीमपुर खीरी से लौटते वक्त कुछ देर मूंढापांडे टोल प्लाजा के निकट चल रहे भाकियू के धरना स्थल पर रुके थे। उन्होंने धरनतारत किसानों का मनोबल बढ़ाया। पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ जो कुछ हुआ वह बेहद दुखद और निंदनीय है, लेकिन अभी तक भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। टिकैत ने किसानों से कहा कि नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान लंबे समये दिल्ली में धरने पर बैठे हैं। सब किसान नए कृषि कानून के खिलाफ हैं और एकजुटता के साथ आंदोलन कर रहे हैं। बेहतर होगा कि सरकार इन कानूनों को वापस ले लें। इस मौके पर भाकियू के रामपुर जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ब्लॉक अध्यक्ष मूंढापांडे धर्मेश आदि स्थानीय पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र का किसान हर तरह से भाकियू के साथ है। जब तक सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती वे मजबूती के साथ आंदोलन जारी रखेंगे। इस मौके पर अमरपाल सिंह अहमद, जान माखन सिंह, तलकीर अहमद आदि मौजूद थे।