कर्मचारी संगठनों के प्रमुखों का कहना यह है कि सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। इसके चलते विभिन्न विभागों में खाली पड़े इन पदों को नहीं भरा जा रहा है। अलग-अलग विभागों की बात करें तो सबसे ज्यादा पद ट्रैकमैनों के और इंजिनियरिंग विभाग में खाली हैं। इसके अलावा टीटीई स्टाफ, कैरिज एंड वैगन, गार्ड और लोकोपायलट (ड्राइवर) के अनेक पद खाली हैं। ऐसे में विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। मुरादाबाद मंडल वर्षों से इन समस्याओं को झेल रहा है।
यदि केवल मुरादाबाद स्टेशन की बात करें तो यहां टीटीई स्टाफ के 310 पद हैं। इनमें से सिर्फ 222 टीटीई ही कार्यरत हैं, इनमें 40 से ज्यादा अक्षम या बीमार हैं। ऐसे में इन स्टाफ को स्टेशन पर गई ड्यूटी देनी पड़ रही है। ट्रेन में कार्य करने वाला स्टाफ बेहद कम है। वहीं मंडल में योगनगरी ऋषिकेश, वीरभद्र जैसे नए रेलवे स्टेशन बनने से यह समस्या और बढ़ गई है। स्थिति यह है कि जहां ट्रेनों में पांच टीटीई तैनात होने चाहिए वहां सिर्फ दो लोगों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है।
इससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है तो वहीं यात्रियों को भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री राजेश चौबे और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि वह अपने संगठनों और रेलवे प्रशासन के बीच स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। यदि मुख्यालय की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो मंडल में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
विभागों में रिक्त पदों का विवरण
ट्रैकमैन - 2901
ड्राइवर - 495
टीटीई - 300
गार्ड - 232
कैरिज एंड वैगन - 478
इंजीनियरिंग - 322
अन्य विभाग - 414
कुल रिक्त पद - 5142