मुरादाबाद। शहर में बिजली चोरी रोकना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। लाइन लॉस कम होने की बजाय दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि मुरादाबाद शहर में रोजाना तकरीबन 42 लाख 50 हजार रुपये की बिजली चोरी हो रही है। विद्युत विभाग का अगस्त माह का ऊर्जा वितरण का लेखा इस बात को स्पष्ट करता है। 31 दिनों में शहर में कुल 13 करोड़ 20 लाख रुपये की बिजली चोरी हो चुकी है।
वहीं दूसरा पहलू यह भी है कि विभाग को होने वाले इस भारी भरकम नुकसान का कारण कर्मचारी और अधिकारी ही हैं। तकरीबन साढ़े चार लाख उपभोक्ताओं वाले शहर में सिर्फ 60 से 65 फीसदी उपभोक्ताओं से ही बिलिंग की जा रही है। कहीं मीटर रीडरों की कमी है तो कहीं जानबूझकर कामचोरी की जा रही है। इसके चलते खर्च की गई ऊर्जा के बदले की रकम विभागीय अधिकारी चेकिंग और रेड में लगाए गए जुर्माने से पूरी कर रहे हैं।
विभागीय रिकार्ड के मुताबिक जुर्माने की बदौलत ही राजस्व अर्जन में मुरादाबाद काफी आगे पहुंच गया है। इस सब के बीच लाइन लॉस को अनदेखा कर दिया गया है। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त माह में उपभोग की गई ऊर्जा और विक्रय ऊर्जा में एक करोड़ 88 लाख 60 हजार यूनिट का अंतर है। सात रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से इसकी कुल धनराशि 13 करोड़ 20 लाख 20 हजार रुपये होती है।
यह लाइनलॉस लॉकडाउन के दिनों में बिलिंग न होने पर हुए लाइन लॉस से लगभग दोगुना अधिक है। पिछले वर्ष अप्रैल, मई और जून माह में कुल 21 करोड़ रुपये यानी हर माह लगभग सात करोड़ रुपये की बिजली चोरी थी। अब सब कुछ सही होने का बावजूद यह आंकड़ा हर माह 13 करोड़ रुपये से अधिक पर पहुंच गया है। अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता का कहना है कि उन्होंने अधिक लाइन लॉस वाले इलाकों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की योजना बनाई है। साथ ही प्रत्येक मीटर रीडर के लिए हर माह लक्ष्य तय करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य के सापेक्ष बिलिंग न करने पर मीटर रीडर पर कार्रवाई की जाएगी।