फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: तीन माह में 20 बेटियां हुईं तीसरी आंख का शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। तीन माह में 20 बेटियां तीसरी आंख (कैमरे) का शिकार हो गईं, कहीं दोस्ती और अपनापन दिखाकर युवकों ने वीडियो बनाया तो कहीं आरोपियों ने धोखे से फोटो बना लिए। इन अश्लील फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपियों ने उनका शारीरिक शोषण किया और रकम और जेवर तक ऐंठ लिए। इन मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन

कैमरे का शिकार हुईं पीड़िताओं में अधिकांश ऐसी लड़कियां हैं उनके साथ उनके पूर्व मित्र या करीबी ने धोखा दिया है। मूंढापांडे क्षेत्र में रहने वाली एक युवती पांच अक्तूबर को अपने घर में अकेली थी। इसी दौरान वहां आरोपी फुरकान पहुंच गया और उसने डरा धमकाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। इस वीडियो के जरिए आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। जिससे तंग आने के बाद पीड़िता ने परिवार को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।
इसी तरह मैनाठेर थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती को ब्लैकमेल किया गया। 17 सितंबर को पीड़िता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि बिलारी क्षेत्र में रहने वाले फैजान से उसकी जान पहचान हो गई थी। आरोपी ने पीड़िता का मोबाइल नंबर ले लिया था। आरोपी ने उसे मिलने के बहाने बुला लिया और दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता का वीडियो बना लिया। इसके जरिए आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल किया और रुपये भी ऐंठ लिए थे।
विज्ञापन

इसी तरह सिविल लाइंस, कोतवाली, मझोला, भोजपुर, पाकबड़ा और कटघर क्षेत्र में भी पीड़िताओं ने प्राथमिकी दर्ज कराई हैं। जिसमें उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया गया है। पिछले तीन माह में इस तरह के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इस मामलों से संबंधित अधिकांश आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

महिला अपराध से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। किसी लड़की को कोई वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल या परेशान कर रहा है तो वह चुप होकर घर में न बैठे। ऐसे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराएं। पुलिस से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन

कुमार रणविजय सिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें