युवती से दुष्कर्म करने वाले युवक को कोर्ट ने 14 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। व्यक्ति ने युवती को धोखे से घर बुलाकर घटना को अंजाम दिया था। उस पर 27 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
विवाह अनुदान दिलाने का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने में अदालत ने दुष्कर्मी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दुष्कर्मी पर पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। थाना छजलैट में 11 जनवरी 2021 को पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसके मुताबिक आठ जनवरी की दोपहर जब वह अपने खेत पर काम कर रहा था। इसी समय ग्राम कुरी रवाना का रहने वाला याकूब उसके पास आया और बातें करने लगा। उसने कहा कि वह सरकारी योजना के तहत विवाह अनुदान के रूप में मिलने वाले डेढ़ लाख रुपये लोगों को दिलाता है।
तुम्हारी बेटी की शादी के लिए भी वह रुपये दिला देगा। इसके बाद शाम को घर आकर वह बेटी का आधार कार्ड और अन्य कागजात लेकर चला गया। 11 जनवरी को याकूब ने मेरी बेटी को हस्ताक्षर करने के लिए अपने घर बुलाया।
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छोटे बेटे के साथ बेटी को याकूब के घर भेज दिया। जहां याकूब ने बेटे को घर के बाहर खड़ा कर दिया। बेटी को कमरे में बंदकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना की जानकारी बेटी ने घर पहुंचने पर दी।
इस मामले में थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी याकूब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक मोहम्मद फिरोज की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में वादी का पिता पक्ष विरोधी हो गया।
जिसने आरोपी के पक्ष में गवाही दी। जबकि पीड़िता ने अदालत के सामने सारी घटना की जानकारी दी। अदालत ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी याकूब को दुष्कर्म की घटना का दोषी करार दिया। अदालत ने दुष्कर्मी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।