मुरादाबाद। साइकिल चलाते समय रास्ता भूलकर एक 12 वर्षीय मासूम घर से 32 किलोमीटर दूर जोया पहुंच गया। दोपहर 12.30 बजे घर से निकला मासूम देर शाम करीब आठ बजे घर वापस पहुंचा तो परिजनों की जान में जान आई। मासूम के पिता ने बताया कि जोया के ढाबा संचालक ने फोन करके बच्चे के वहां होने की सूचना दी जिसके बाद वहां पहुंचकर बच्चे को लाया गया।
मझोला थाना क्षेत्र के लाइनपार निवासी अनुपेंद्र सिंह स्कूल संचालक हैं। उनके 12 वर्षीय बेटे यशवर्धन को साइकिलिंग का शौक है। वह रोजोना घर के सामने ही रामलीला मैदान में साइकिल चलाता है। बुधवार दोपहर 12.30 बजे वह रामलीला मैदान में न जाकर दिल्ली रोड की ओर निकल गया। काफी देर तक जब यश घर नहीं लौटा तो घरवाले परेशान हो गए। उन्होंने रामलीला मैदान में देखा तो वहां बच्चा नहीं था। सूचना धीरे-धीरे आस पड़ोस में फैल गई और पड़ोसी, रिश्तेदार आदि एकत्र हो गए। परेशान परिजनों ने शाम तकरीबन पांच बजे पुलिस को सूचना दी।
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजन भी क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रहे थे। इसी दौरान जोया से एक ढाबा संचालक का कॉल अनुपेंद्र सिंह के मोबाइल पर आया। उसने बेटे के वहां होेन की सूचना दी। अनुपेंद्र सिंह तुरंत ही अपने दो साथियों के साथ जोया पहुंचे और बच्चे को साथ लेकर आए। अनुपेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा साइकिल चलाते-चलाते जोया के गांव ढकिया चमन पहुंच गया था। वहां से लौटते समय उसकी साइकिल की चेन टूट गई थी। बच्चे को परेशान देखकर हाईवे किनारे ढाबा संचालक ने उसे बैठाया और पानी पिलाया। परिजनों का फोन नंबर और नाम पूछा और फौरन उन्हें सूचना दी। जिसके बाद वहां से बच्चे को लेकर आए हैं। सीओ सिविल लाइंस इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य है और परिजनों के पास है।