एनआरएचएम भर्ती की जांच में गड़बड़ियों का खुलासा होने के साथ ही अब जो नई व्यवस्था बन रही है, उसमें हर स्तर पर भर्तियों की मॉनीटरिंग होगी। इसके साथ ही फाइनेंशियल मैनुअल का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा। भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में सख्ती पिछले दिनों सामने आई अनियमितताओं के बाद की जा रही है। इसके तहत भर्ती की गाइडलाइन को बदलने की कवायद पहले ही शुरू की जा चुकी है।
राज्य मंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह द्वारा गोंडा के सीएमओ एसपी सिंह को घर से उठा ले जाने के बाद एनआरएचएम में हो रही भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितता की बात सामने आई थी। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान ही आला अफसरों ने इस बात के संकेत दे दिए कि भर्ती प्रक्रिया के लिए बनी गाइड लाइन में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए मल्टी लेवेल मांनीटरिंग की व्यवस्था बनाई जा रही है।
इसके तहत जिला स्तर पर तो मॉनीटरिंग होगी ही, मंडल स्तर पर और फिर मुख्यालय स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। जिलों से हर सप्ताह प्रोग्रेस रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएग़ी। वित्तीय संदर्भ में होने वाले सभी निर्णयों के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट देने के साथ अनुमति लेनी अपरिहार्य होगी। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में हर व्यक्ति का बॉयोडॉटा और फोटो मुख्यालय को भी मुहैया कराना होगा।
उधर, गड़बड़ी की जांच के तहत अधिकारियों ने जिन 15 जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई थी, वहां के सीएमओ से भर्ती से संबंधित सभी दस्तावेज मंगाने के बाद इनकी जांच करानी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि बाकी के दस जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके आने वाले नतीजे रोके जा चुके हैं।