अगर आप मोबाइल पर किसी युवती से अश्लील बातें कर रहे हैं या उसके साथ छेड़छाड़ करते हैं, तो सतर्क हो जाइए। आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। साथ ही आपकी नौकरी पर भी आफत आ सकती है, क्योंकि मुकदमा दर्ज होते ही आपके नाम से जारी चरित्र प्रमाणपत्र रद्द हो जाएगा।
ऐसे में पासपोर्ट और विभिन्न प्रकार के लाइसेंस बनवाना भी मुश्किल हो जाएगा। छेड़खानी की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश शासन ने यह गाइडलाइन जारी की है। एडीजी कानून व्यवस्था ने वाराणसी में भी इस गाइडलाइन के प्रचार प्रसार का निर्देश दिया है।
छेड़खानी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश के लिए लखनऊ में महिला हेल्पलाइन (1090) की स्थापना की गई है। हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही टीम मॉनिटरिंग करने लगेगी। मोबाइल पर अश्लील बातें करने या मैसेज भेजने की शिकायत मिलते ही टीम आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाएगी।
शिकायत सही मिलने पर पहले आरोपी को वार्निंग दी जाएगी। इसके बाद भी अगर हरकत जारी रही तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। गाइडलाइन में कहा गया है कि यदि महिला ने छेड़खानी करने वाले का बाल नोंच लिया, तो उसकी विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। आरोपी के खिलाफ बाल ही सबसे बड़ा सबूत बन जाएगा।
डीआईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि लखनऊ, कानपुर में हेल्पलाइन काफी कारगर है। छेड़खानी करने वालों का मनोबल तोड़ने के लिए थानों से उनका रिकॉर्ड मंगाया जाएगा। इसी आधार पर पुलिस संबंधित आरोपी का धारा 110 जी के तहत बांड भरवाएगी। दोबारा ऐसी हरकत करने पर पुलिस बांड जब्त कर कार्रवाई करेगी।