2014 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उप्र में नरेंद्र मोदी की पहली रैली कानपुर में होगी। इसके लिए फिलहाल 15 अक्तूबर की तारीख तय की गई है।
इससे पहले 9 अक्तूबर को रैली की तैयारी का जायजा और संगठन की गतिविधियों की जानकारी लेने भाजपा प्रदेश प्रभारी अमित शाह यहां आएंगे।
यह जानकारी भाजपा प्रदेश सह प्रभारी सत्येंद्र नारायण कुशवाहा (बिहार के विधान परिषद सदस्य) ने पत्रकारों को दी। शुक्रवार को वे क्षेत्रीय इकाई की समीक्षा करने आए थे।
कुशवाहा ने बताया कि कानपुर के बाद दूसरी रैली झांसी में 25 अक्तूबर को और तीसरी 9 नवंबर को बहराइच में होगी। उन्होंने बताया कि रैली की यह तारीखें अभी संभावित हैं।
इनको अंतिम रूप प्रदेश प्रभारी अमित शाह जल्द ही देंगे। फिलहाल इन्हीं को अंतिम मानकर पार्टी पदाधिकारियों को तैयारी करने का निर्देश दिया गया है।
सह प्रभारी ने कहा कि मुजफ्फरनगर की घटना प्रदेश सरकार की गलती से हुई है। आरोप लगाया कि इसके मुख्य अभियुक्त प्रदेश के कबीना मंत्री आजम खां हैं। राज्यपाल को उन्हें बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश देना चाहिए।
कुशवाहा ने केंद्र सरकार को भ्रष्टाचार की सरकार बताया। कहा कि इस बार ऐसी सरकार का बहिष्कार देश की जनता करने जा रही है।
पिछड़े वर्ग के प्रति पार्टी के रुख पर उन्होंने कहा कि भाजपा जाति की नहीं, जमात की पार्टी है। उसने पिछड़े वर्ग को पूरा ध्यान रखा है। कल्याण सिंह, शिवराज चौहान और अब नरेंद्र मोदी।
ऐसे अनेक नाम हैं जो पार्टी में विशेष स्थान पर रहे हैं। इससे पूर्व उन्होंने क्षेत्रीय संगठन के कार्यों की समीक्षा की।
मोदी की रैली को मैदान का संकट
नरेंद्र मोदी की कानपुर में प्रस्तावित रैली के लिए बड़े मैदान की दिक्कत सामने आ रही है। फूलबाग, मोतीझील जैसे मैदानों की कुल क्षमता करीब एक लाख है। माना जा रहा है कि मोदी की रैली में दो से ढाई लाख लोग आएंगे।
इतनी क्षमता वाला मैदान भाजपाइयों को सूझ नहीं रहा है। फूलबाग में रैलियों पर पहले से रोक लग चुकी है। भाजपा नेता अर्मापुर, बृजेंद्र स्वरूप पार्क के अलावा गोविंदनगर में पराग डेरी के बगल में स्थित रेलवे मैदान पर भी नजर डाल रहे हैं। शहर के बाहर भी बड़े स्थान की तलाश की जा रही है।
मोदी की रैली की तारीख को लेकर संशय
15 अक्तूबर को बकरीद का पर्व है। इस दिन भाजपा के मोदी की रैली का शुभारंभ भाजपाई ठीक नहीं मान रहे हैं। इसलिए अभी इस तारीख को लेकर संशय बना हुआ है। जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेने की बात प्रदेश सह प्रभारी सत्येंद्र नारायण कुशवाहा ने कही है।