गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साक्षात्कार पर उठे विवाद ने यूपी के भाजपाइयों की बांछे खिला दी हैं।
वह खुश है कि मोदी पर जिस तरह हमला शुरू हुए हैं, उसकी हिंदुओं में तीखी प्रतिक्रिया होगी और जिसका लाभ अंतत भाजपा के खाते में ही जाएगा।
दरअसल, मोदी ने एक समाचार एजेंसी को साक्षात्कार में खुद की हिंदू बताया और यह कहा मैं जन्म से हिंदू हूं। मैं राष्ट्रवादी हूं। तो आप कह सकते हैं कि मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं। उन्होंने हिंदुत्व की भी तारीफ की।
यही नहीं, गुजरात दंगे पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि आप कार चला रहे हों या पीछे बैठें हो, चलती कार के नीचे अगर पपी (पिल्ला) भी आकर मर जाता है तो दुख होता है कि नहीं।
बस इसी ‘पपी’ व मोदी के ‘हिंदू’ होने की बात पर विवाद खड़ा कर दिया। भाजपा विरोधी दलों ने इसे सांप्रदायिक बयान करार दिया। अल्पसंख्यकों का अपमान बताया। टीवी पर बहस शुरू हो गई।
भाजपाई खुश : चैनल पर बहस सुन रहे भाजपाई काफी गद्गद दिखे। इनका मानना है कि इससे पार्टी के वोट बढ़ेंगे। जो काम भाजपा नहीं कर पाई, उसे पार्टी के विरोधी दल पूरा किए दे रहे हैं।
जिस तरह इस मुद्दे पर कांग्रेस व सपा सहित अन्य कई दल मोदी और भाजपा पर हमले कर रहे हैं, उससे जनता को खुद ही सारी बात समझ में आती जा रही है। जिसका पता लोकसभा चुनाव के दौरान चल जाएगा।
इन्हें तो सिर्फ मुस्लिम वोट से मतलब: भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री विनोद पाण्डेय ने कहते हैं कि मोदी ने ऐसा क्या कह दिया, जिस पर विरोधी आसमान को सिर पर उठा ले रहे हैं। वह कहते हैं कि भाजपा विरोधी दलों को मुसलमानों की नहीं बल्कि अपने वोट की चिंता खाए जा रही है। इसीलिए वह इस पर अपनी छाती पीट रहे हैं।
पार्टी प्रवक्ता डा. चंद्रमोहन सिंह कहते हैं कि भाजपा विरोधी दल आदमी को भी वोट के रूप में देखते हैं। इसीलिए उन्हें मोदी की सही व सच्ची बात भी समझ में नहीं आ रही है। चुनाव आने दीजिए, ऐसे लोगों को जनता खुद ही सबक सिखा देगी।