पीड़िता सरिता सिंह के मुताबिक वह थाने से निकलकर लखनऊ पत्रकार सम्मेलन में जाने के लिए 30 अप्रैल को ट्रेन पकड़ने के लिए मुगलसराय रेलवे स्टेशन गई थी। वहां देर होने पर घर लौटने के लिए स्टेशन के बाहर आई और उसी बीच एक अज्ञात युवक से बातचीत के दौरान परिचय हो गया। जिसने अदलहाट तक लिफ्ट देने की बात पर कार में बैठ गई। रास्ते में एक जगह पानी पिया। उसके बाद की घटना से बेखबर है।
एक सप्ताह बाद बुधवार की सुबह शरीर पर पेट्रोल से जलन होने के बाद खुद को रस्सी में जकड़ा हुआ और मुंह पर दुपट्टा बंधा पाया। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने उसे बंधन से मुक्त किया। वहीं उसके पर्स के साथ उसमें रखा 27 हजार रुपये, आधार कार्ड, मोबाइल और कुछ जरूरी कागजात कार सवार उठा ले गए।
राजगढ़ थानाध्यक्ष वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामला चुनार थाना क्षेत्र का है। पीड़िता का बयान दर्ज कराने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया।