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वार्ड तो बना दिया पर डेंगू के जांच की नहीं है व्यवस्था

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मंडलीय अस्पताल में मरीज। - फोटो : MIRZAPUR
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बरसात के मौसम में डेंगू भी पांव पसार रहा है, पर जिले में डेंगू के बेहतर उपचार की व्यवस्था नहीं है। कहने को तो मंडलीय अस्पताल अब मेडिकल कालेज के अधीन आ गया है, स्वास्थ्य सुविधाएं मेडिकल कालेज जैसी नहीं हो सकी है। मंडलीय अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए वार्ड तो बना है, पर डेंगू के जांच की सुविधा नहीं है। अस्पताल में सैंपल लेकर बीएचयू भेजा जाता है।
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बरसात का मौसम आते ही बहुत सी बीमारियां फैलने लगती है, उनमें से एक डेंगू है। डेंगू की बीमारी मच्छर के काटने से होता है, इसलिए अपने घर के आसपास गंदे पानी को जमा न होने दें और साफ सफाई का अधिक ध्यान रखें। हालांकि डेंगू बीमारी का सही समय पर उपचार करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि उचित समय पर रोकथाम न करने पर व्यक्ति का स्वास्थ्य और खराब हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों में डेंगू का अधिक प्रभाव होने के कारण उनकी मौत हो जाती है। जिले में भी लोग डेंगू के बीमारी की चपेट में आ रहे है, पर अस्पताल में सुविधा न होने पर लोग बाहर चले जा रहे हैं। मंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन डेंगू के मरीज आते हैं, पर ओपीडी में फिजीशियन नहीं मिलते हैं।
अस्पताल में ओपीडी सुविधा बंद है। ऐेसे में लोगों को बाहर निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। मंडलीय अस्पताल में एक माह में अब तक सिर्फ दो मरीज भर्ती हुए हैं। जिनका उपचार चल रहा है। मंडलीय अस्पताल में सुविधा न होने पर लोग निजी अस्पतालों में उपचार कराने जा रहे है।
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मंडलीय अस्पताल में मलेरिया जांच नहीं
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में कोरोना संक्रमण काल से ही मलेरिया की जांच नहीं हो रही है। मलेरिया की जांच न होने से लोगों को निजी लैब में जाना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण फैलने पर मलेरिया विभाग में तैनात एलटी की ड्यूटी कोविड में लगा दिया गया था। जिसके बाद से मंडलीय अस्पताल में मलेरिया की जांच नहीं हो रही है। मंडलीय अस्पताल में पूरे जिले के साथ आसपास के जिले से भी मरीज आते हैं। जिनको स्वास्थ्य सुविधा न मिलने पर परेशानी उठानी पड़ रही है।
फिजीशियन की ओपीडी न चलने से हो परेशानी
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में कोविड के समय ओपीडी बंद हो गई थी। संक्रमण घटने पर ओपीडी शुरू हुई पर फिजीशियन की ओपीडी नहीं चल रही है। इस समय सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। ओपीडी में फिजीशियन के न मिलने पर लोग इमरजेंसी में उपचार कराने के लिए लंबी लाइनें लगा रहे है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन से फिजीशियन की ओपीडी न चलने का आदेश है।
मच्छरों से बचने का करें उपाय
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के फिजीशियन डा. उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू बचना है तो मच्छरों को घर से बाहर भगाएं। मच्छरों के काटने से यह बीमारी फैलती है। मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आसपास पानी न जमा होनें दे। घर की खिड़कियों मेें जाली लगवाएं।
डेंगू के लक्षण
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
शरीर पर पड़ने वाले लाल निशान जो थोड़े समय बाद ठीक होने के बाद पुन: वापस भी आ जाते हैं
तेज बुखार
तेज सिर दर्द
आंखों के पीछे दर्द
उल्टी आना और चक्कर महसूस होना
मंडलीय अस्पताल में डेंगू के लिए छह बेड का वार्ड बना है। डेंगू की जांच के लिए सैंपल लेकर बीएचयू भेजा जाता है। डेंगू के उपचार की दवाएं उपलब्ध हैं। ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स उपलब्ध हैं।
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डा. आलोक, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल
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