फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां का आंगन पखारने उमड़ा नगर

Sun, 24 Apr 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
विज्ञापन
विंध्याचल मंदिर को भक्तों ने धोया
विज्ञापन
वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर प्राचीन परंपरानुसार संपूर्ण विंध्याचल मंदिर की गंगा जल से धुलाई की गई। मां विंध्यवासिनी देवी के मंदिर सहित परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं के मंदिरों को श्रद्धाभाव से धुला गया।
विज्ञापन


चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर भक्तों ने मिट्टी और पीतल के मटके में पक्का घाट से गंगा जल लाकर मंदिर की धुलाई की। इसके बाद शृंगार और पूजन तथा आरती की गई। इसके बाद मां के कपाट दर्शन के लिए खोल दिए गए।

विंध्याचल मंदिर की धुलाई का कार्यक्रम शनिवार सुबह 10 बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक अनवरत चलता रहा। मंदिर की धुलाई के लिए विंध्याचल नगरवासियों सहित दूरदराज से आए श्रद्धालुआें, श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी, सदस्य और तीर्थ पुरोहितों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। विंध्याचल के पक्काघाट पहुंचे भक्त घड़े में गंगा जल भरकर कंधे पर रखकर मंदिर पहुंचे, जहां श्रद्धाभाव से मंदिर की धुलाई की।
विज्ञापन


क्या छोटे क्या बड़े, सभी भक्तिभाव से विंध्याचल मंदिर के धुलाई कार्यक्रम में जुटे रहे। नंगे पांव व भीगे बदन चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर श्रद्धालु गंगा से गंगा जल लाकर मंदिर धुलने में मशगूल रहे। मंदिर धुलाई के दौरान मां विंध्यवासिनी देवी के गर्भगृह सहित अन्य देवी देवताआें का कपाट बंद कर दिया गया था।

धुलाई के बाद मां विंध्यवासिनी मंदिर सहित सभी देवी-देवताआें का शृंगार और पूजन तथा भव्य आरती की गई। इसके बाद दर्शनार्थियों के लिए कपाट खोल दिया गया। मंदिर की धुलाई के दौरान मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा था, वहीं मंदिर के गंगा घाट और गंगा घाट से विंध्याचल मंदिर तक नंगे पांव घड़े में गंगा जल लाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें