ब्लाक जमालपुर के ग्राम पंचायत शेरवां एवं जाफरखानी के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। दोनों ग्राम पंचायतों की आबादी करीब 15 हजार है, लेकिन गांव के लोग खारा पानी पीकर अपने हलक को तर कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत शेरवां एवं जाफरखानी ग्राम पंचायत में पांच दर्जन से उपर लगे हैंडपंप में एक दर्जन को छोड़ दिया जाए तो इंडिया मार्का हैंडपंप भी शुद्ध जल मुहैया नहीं करा पा रहा है। दोनों ग्राम पंचायतों में जो सरकारी हैंडपंप लगवाए गए हैं, उसमें भी खारा पानी निकल रहा है।
ग्राम पंचायत शेरवां की उत्तर दिशा में स्थित चुड़ैलिया कूप से शुद्ध जल मिलता है, जिसमें से शुद्ध जल निकलता है और गांव में अतिथियों के आने पर इसके पानीे से उनका स्वागत किया जाता है। शेरवां की ग्राम प्रधान उषा यादव ने बताया कि शेरवां ग्र्राम पंचायत का राजस्व गांव नंदपुर पहाड़ से सटे हुए बस्ती में लगा सोलर पंप विगत एक माह से खराब पड़ा हुआ हैै।
ग्राम प्रधान जाफरखानी पुनीत चौबे का कहना है कि खारा पानी से निजात के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सिर्फ कोरा आश्वासन मिल रहा है। खंड विकास अधिकारी गंगाराम का कहना है कि शेरवां एवं जाफरखान ग्राम पंचायतों में खारा जल से निजात के लिए लंबे समय से पानी टंकी योजना का प्रस्ताव चल रहा है, लेकिन धन नहीं मिलने से पानी टंकी के निर्माण का कार्य नहीं हो पा रहा है।
गौरतलब है कि शुद्ध जल मुहैया कराने के लिए पूर्व सिंचाई मंत्री स्व. लोकपति त्रिपाठी ने विधायक निधि से खारा पानी से निजात के लिए पानी टंकी निर्माण की योजना बनाई थी, लेकिन सूबे की सरकार बदलते ही उनकी ड्रीम प्रोजेक्ट योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। मड़िहान विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र की सरकार प्रदेश सरकार को पानी टंकी निर्माण के लिए धन नहीं दे रही है।