इसके अलावा श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष, मंत्री, मंदिर व्यवस्था प्रमुख तथा दो अन्य व्यवस्थापिका सदस्य जो समाज के अध्यक्ष चुनते थे। इसी प्रकार श्रीविंध्य पंडा समाज की साधारण समाज के बहुमत से पांच सदस्य चुने जाते थे। दो सदस्यों का नामांकन जिलाधिकारी द्वारा होता था।
अब तक हिसाब किताब व खर्च का लेखा जोखा इत्यादि कार्य विंध्य विकास परिषद करता था। बिना विंध्य विकास परिषद के अनुमोदन के कोई भी कार्य नहीं होता था। सबसे ज्यादा सदस्य पंडा समाज से आते थे।
विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद जल्द ही अपने कार्य संबंधी निर्णयों में सहायता के लिए एक नियोजन तथा विकास समिति का गठन करेगी। समिति के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी मिर्जापुर, सदस्य सचिव मुख्य कार्यपालक होंगे। पदेन में पुलिस अधीक्षक, विंध्याचल विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, विंध्याचल नगर पालिका परिषद के कार्यपालक अधिकारी, नगर और ग्राम नियोजन विंध्याचल मंडल सह योजनाकार, मिर्जापुर में प्रत्येक स्थानीय निकाय का अध्यक्ष, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग, अधीक्षण अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, अधीक्षण अभियंता जल निगम, प्रभागीय वनाधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनभद्र, अधीक्षण पुरातत्वविद वाराणसी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी वाराणसी होंगे।