इसी दौरान दुर्गा देवी (48) पत्नी नरेश गुप्ता निवासी दुर्गानगर भंडारा रोड थाना पार्डी जिला नागपुर महाराष्ट्र और राजेश गुप्ता (50) पार्डी भवानी नगर फूलपुर चौकी नागपुर प्लेटफार्म नंबर दो से सामान लेकर उतरे। सामान अधिक होने से स्कार्पियो चालक बबलू आगे बढ़ा। तब तक स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो के डाउन ट्रैक पर आ गई। अचानक ट्रेन के आने पर उन्हें हटने का समय नहीं मिला और तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
जीआरपी प्रभारी हरिशरण सिंह ने कहा कि प्लेटफार्म नंबर दो डाउन लाइन पर रेलवे ट्रैक पार करते समय झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो पुरुष और एक महिला की कटकर मौत हो गई।
भदोही के उगापुर निवासी राधेश्याम गुप्ता के घर में बेटी की शादी की तैयारी महीने भर से चल रही थी। सगे-संबंधी सभी पहुंच रहे थे। खुशियों का माहौल था, लेकिन मिर्जापुर स्टेशन पर बुधवार की सुबह तीन लोगों की मौत से शादी की खुशियां गम में बदल गई। परिवार वालों के आंसू नहीं थम रहे थे। सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीन लोगों की मौत से दो घरों में सन्नाटा पसर गया है।
उगापुर निवासी राधेश्याम गुप्ता उर्फ पुल्ली की लड़की की शादी 21 नवंबर को है। शादी में शामिल होने आ रहे रिश्तेेदार को लेने के लिए वह पुरुषोत्तमपुर निवासी अपने मित्र बबलू सिंह के साथ उनकी स्कॉर्पियो लेकर मिर्जापुर रेलवे स्टेशन गए। रिश्तेदार ट्रेन से उतर कर प्लेटफार्म पर बने फुट ओवर ब्रिज से न आकर रेलवे लाइन पार कर अपना सामान एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर ला रहे थे।
एक बार सभी लोग अपना सामान दूसरे प्लेटफार्म पर रख आए और दुबारा सामान लाने गए। वे दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने वाले थे कि उसी समय झारखंड स्वर्णजयंती एक्सप्रेस आती दिखाई दी। उस समय राधेश्याम गुप्ता के मामा के दामाद राजेश गुप्ता और उनके मामा की बहू दुर्गा गुप्ता सामान लेकर प्लेटफार्म पर चढ़ने वाले थे ट्रेन देख बबलू सिंह दुर्गा और राजेश गुप्ता का हाथ पकड़कर उन्हें प्लेटफार्म पर चढ़ाने लगे तभी ट्रेन आ गई और राजेश गुप्ता और दुर्गा उसकी चपेट में आ गए।
जबकि बबलू सिंह दुर्गा को ऊपर खींचने के प्रयास में ट्रेन के गेट पर लगे हैंडल से टकराकर प्लेटफार्म पर जा गिरे। रिश्तेदारों की मौत से राधेश्याम गुप्ता के घर सन्नाटा पसर गया। वहीं बबलू सिंह की मौत से उनके घर में कोहराम मच गया। दोनों घरों में दिन भर लोगों का आना जाना लगा रहा। बब्बू सिंह की पत्नी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। बबलू सिंह को ऋषि (18) और प्रांशु (13) दो बेटे हैं। उनका अंतिम संस्कार देर शाम भोगांव गंगा घाट पर किया गया।