अहरौरा। कला निधान संस्था व कविता गांव में साहित्यिक संस्था के संयुक्त बैनर तले शनिवार की दोपहर राधा कृष्ण सेवा स्थल समिति के आंगन में विराट काव्यांजलि समारोह का आयोजन किया गया। रचनाओं को श्रोताओं ने सराहा।
मां सरस्वती की मोहक वंदना से सविता श्रीवास्तव ने काव्य सरिता बहाकर काव्यांजलि समारोह की शुरुआत की। वाराणसी से पधारी कवयित्री डॉ. रंजना राय की प्रस्तुति ‘जो हुए हैं शहीद देश के लिए उन को मेरा नमन है, प्राणों से भी है प्यारा अपना यह प्यारा वतन है’ ने लोगों के दिलों में जगह बनाई। कवि नरसिंह साहसी की रचना ‘जिंदगी चैन से जी लो हवस का रोग मत पालो, जुगत करना मिलाने की किसी में फूट मत डालो’ भी सराही गई। सरिता श्रीवास्तव की प्रस्तुति ‘शहीदों को झुका कर शीश मै जय-जय सुनाती हूं’ ने भी काव्यांजलि समारोह को काव्य धारा से सराबोर कर दिया। ‘मेरे ईश्वर मेरा मन ही तुम्हारा धाम हो जाए, मेरे जीवन का हर क्षण- प्रतिक्षण तुम्हारे नाम हो जाए’ जैसी पंक्तियां मनोज मधुर ने प्रस्तुत की। उमेश द्विवेदी की शृंगार रस में डूबी रचना ‘नटखट पायल बोल पड़ेगी, गोरी धीरे पांव उठाना तुम’ जमकर सराही गई। इसके अलावा संचालक प्रकाश मिर्जापुरी की प्रस्तुति ‘खून दे के जे सींचत चमन हव, जे के आवत तिरंगा कफन हव’ ने भी लोगों को रिझाया। वीर रस में डूबी धर्मदेव चंचल की रचना ‘ वीरों ने वीरता की कहानी लिखी है’ भी तालियां बटोरने में सफल रही। समारोह की अध्यक्षता रंग बहादुर रंग ने किया। काव्य सरिता की मोहक प्रस्तुति के दौरान प्रमुख लोगों में पं. चंद्रमौली त्रिपाठी, राम जयश्री, डॉ. अरुण प्रकाश द्विवेदी, विकास पांडेय, जटा शंकर लाल श्रीवास्तव, अमरेश चन्द्र पांडेय, दिनेश सिंह, चंद्रलोक की अग्रहरी, मनीष मिश्रा, दिनेश अग्रहरी, सभासद चंचला मिश्रा सहित सैकड़ों काव्य प्रेमी और श्रोता उपस्थित रहे।