मिर्जापुर। भैरो प्रसाद जायसवाल आंख के अस्पताल के लिए मिली जमीन पर 17 करोड़ से भवन बनने के बाद कार्यदायी संस्था ने सीएमओ को हैंडओवर कर दिया है। शासन ने 50 बेड के अस्पताल के लिए सीएमओ को छह करोड़ रुपये भी जारी कर दिए। 40 पद भी स्वीकृत कर दिए। लेकिन अस्पताल भवन पर सीएमओ को कब्जा ही नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि वहां मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने नेत्र सहित चार विभाग खोल दिए हैं। इसके चलते शासन के आदेश के बाद भी 50 बेड का अस्पताल शुरू नहीं हो पा रहा है।
सिविल लाइन में कई साल तक चले मुकदमे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भैरो प्रसाद द्वारा दान की गई जमीन पर आंख का अस्पताल बनाने का आदेश दिया था। इसके बाद चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने इसका भवन बनाने के लिए 17 करोड़ रुपये सीएमओ को भेजे। कार्यदायी संस्था आवास विकास सोनभद्र इकाई ने भैरो प्रसाद जायसवाल चिकित्सालय
भवन का निर्माण कराकर सीएमओ को हैंडओवर कर दिया। लेकिन इस पर मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने कब्जा जमा लिया है। वहां पर आंख का अस्पताल चलने की जगह मई 2025 से मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल का नेत्र विभाग, चर्म विभाग, ईएनटी और मानसिक रोग विभाग खुल गया। शासन ने दिसंबर 2025 में भैरो प्रसाद जायसवाल चिकित्सालय में 50 बेड का अस्पताल चलानेे के लिए छह करोड़ रुपये जारी किए और 40 पद स्वीकृत कर दिए। मेडिकल काॅलेेज को वहां से अपने विभाग हटाने हैं पर ऐसा नहीं हो रहा है। जबकि मंडलीय अस्पताल से जो विभाग हटे हैं, उन कमरों में ताला लगा है। उसमें कोई विभाग संचालित नहीं हो रहा है। मंडलीय अस्पताल में ओपीडी में एक-दो कमरे को छोड़ द्वितीय तल पूरी तरह से खाली है।
बिना विभागीय अनुमोदन के बजट खर्च करने का आरोप
मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के मेवली निवासी शिकायतकर्ता संतोष कुमार शुक्ला ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, आयुक्त और जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य और वित्त नियंत्रक पर बिना विभागीय उच्चाधिकारियों के अनुमोदन के उपकरण और फर्नीचर की खरीदारी करने का आरोप लगाया। कहा कि बिना विभागीय अनुमोदन के चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्मित भवन में नेत्र, त्वचा, मानसिक और ईएनटी विभाग शुरू करने के लिए कुर्सी, मेज, इलेक्ट्रानिक उपकरण की खरीदारी कर शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है। मांग की कि जांच के लिए कमेटी बनाई जाए।
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग से जारी 17 करोड़ से भैरो प्रसाद जायसवाल अस्पताल भवन बनाया गया है। कार्यदायी संस्था आवास विकास सोनभद्र इकाई ने निर्माण कराकर भवन हैंडओवर किया है। अस्पताल में अभी मेडिकल काॅलेज के चार विभाग चल रहे हैं। 50 बेड का आंख का अस्पताल चलाने के लिए भवन खाली कराने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। - डाॅ. सीएल वर्मा, सीएमओ
पूर्व डीएम प्रियंका निरंजन के आदेश पर जनहित में चार विभाग भैरो प्रसाद जायसवाल में संचालित किए जा रहे हैं। शासन वहां से हटने का आदेश देगा तो विभाग हटा लिए जाएंगे। कोई निजी स्वार्थ नहीं है। खरीदारी नियमानुसार की गई है। डाॅ. संजीव सिंह, प्राचार्य, मेडिकल काॅलेज