अहरौरा। जरगो जलाशय पर मछली शिकार के लिए वर्चस्व की जंग नई नहीं है। कई दशकों से लगातार ठेकेदार व शौकीनों में गोरिल्ला युद्ध चल रहा है। मत्स्य निगम छोटे कारोबारियों को बिक्री के लिए कोई पत्र जारी नहीं करता। धड़ल्ले से चट्टी चौराहों पर इसका कारोबार फल फूल रहा है। जिम्मेदारों द्वारा नियमों की भी अनदेखी की गई। जिससे अपराधिक घटनाएं भी बढ़ने लगी। जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर समस्या बन गई है।
मत्स्य निगम की नीलामी प्रक्रिया के दौरान दशकों पहले से ही जरगो जलाशय का ठेका लेने के लिए जरायम की दुनिया के सफेदपोश कारोबार से जुड़े। जिसके बाद वर्चस्व की जंग शुरू हो गई। इलाके से सटे मछली शिकारी कारोबारी ही नहीं शौकीनों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। जरगो जलाशय पर मछली शिकार के दौरान छह वर्ष पूर्व जुलाई 2019 को वन इमलियां गांव के पास स्थित जरगो जलाशय के जमुनहटा बकाउल नाला के पास कुछ लोग मछली मार रहे थे। जिसकी जानकारी जरगो जलाशय पर मछली के ठेकेदार के आदमियों को हो गई तो नाव से कुछ लोग नाले के पास पहुंच गए। मछली मारने से मना करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान नाव पर सवार लोगों में से किसी एक ने बंदूक से गोली चला दी थी। बंदूक से निकली गोली चुनार के बहेड़ा गांव निवासी अजित सिंह (30) के सीने में लगी। जिससे घटना स्थल पर ही युवक की मौत हो गई। मौके पर युवक की मौत के बाद सभी लोग भाग गए। मृतक के भाई सिद्धार्थ सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसी घटना के तीन वर्ष बाद जुलाई 2022 में दबंगों ने फिर फायरिंग की। जिसमें भैंस चरा रहे किशोर आकाश (15) को गोली के छर्रे लगे। छोटी घटनाओं को छोड़ दें तो जरगो जलाशय के आठवें गेट के आगे पहाड़ी के पास बृहस्पतिवार की दोपहर कटिया डालकर मछली मारने के आरोप में जलाशय की सुरक्षा में लगे ठेकेदार के चौकीदारों ने प्रदीप पटेल को पकड़कर हाॅकी से पिटाई की। जलाशय में फेंक दिया। मृतक प्रदीप तैरना नहीं जानता था जिससे डूब कर उसकी मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित कई गांव के ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जलाशय स्थित मत्स्य पालन ठेकेदार के भवन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान महिलाएं भी अपना आपा खोकर उग्र प्रदर्शन करती रही। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की फोर्स व उच्चाधिकारियों को देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी। आश्वासनों के बाद पीड़िता पत्नी प्रियंका पटेल की तहरीर पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जेल भेजा।
ड्रोन कैमरे से होती है जरगो जलाशय की निगरानी
अहरौरा। जरगो जलाशय की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी लगाए गए हैं। हाल में ही 10 दिन पहले ड्रोन कैमरे के विजुअल में जलाशय के किनारे बैठकर कटियामारी से मछली का शिकार करने वाले दर्जनों लोग चिह्नित किए गए हैं। पुलिस की जांच में सात लोगों को हिरासत में लेकर चालान किया गया पर जाल डालकर व कटियामारी कर फुटकर कारोबारी को बिक्री करने वालों पर लगाम नहीं लग सका।
पांच हजार एकड़ क्षेत्र में फैला है मत्स्य पालन
अहरौरा। जरगो जलाशय का कैचमेंट एरिया पांच एकड़ झील क्षेत्र में फैला है। जलाशय में पानी की क्षमता तीन हजार क्यूसेक एमसीएफटीपी की है। जो मछली कारोबार से जुड़े लोगों के लिए सोने का अंडा है। मत्स्य निगम नीलामी प्रक्रिया के अंतर्गत करोड़ों के ठेके सामान्य नहीं है। दबंगई से इस कारोबार पर हनक जमाकर दबदबा बनाया जाता है। ठेकेदार के चौकीदार मछली के शौकीन कटियामार ग्रामीणों की पिटाई आए दिन करते रहते हैं।
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सात नदी 70 नाले का पानी आता है जरगो जलाशय में
अहरौरा। सात नदी 70 नालें का पानी मिलाकर जरगो जलाशय का निर्माण सन 1958 में कराया गया। जिससे आसपास के किसानों की भूमि को सिंचित किया जा सके पर 1974 में मत्स्य पालन के लिए ठेका पद्धति से इसकी नीलामी की गई। मछली कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह सोने का अंडा बनी। आसपास के मछली शौकीन ग्रामीण जो जलाशय से मछली निकाल कर बनाते-खाते है। चौकीदारों द्वारा गाहे-बगाहे उनको पकड़कर पीटा जाने लगा।
रसूखदार रहनुमाओं को भी परोसी जाती है जरगो की मीठी मछली
अहरौरा। शासन सत्ता में पकड़ बनाकर रसूखदार रहनुमा भी जरगो जलाशय की मीठी मछली के शौकीन है। कारिंदे ऑन डिमांड जरगो जलाशय की मीठी मछली प्रवास के दौरान मुहैया कराते रहते हैं। जिसके चलते मछली के इस कारोबार पर उनकी भी छत्रछाया बनी रहती है।
नीलामी प्रक्रिया के बाद दबंगई से चलने लगा रोजगार
अहरौरा। मत्स्य निगम की मत्स्य पालन ठेका समाप्त होने के बाद नीलामी प्रक्रिया में बाहुबली दबंगों ने दस्तक दी और दबंगई से मछली का कारोबार फलने फूलने लगा। करोड़ों की नीलामी मे विधिक शर्त रही है कि जुलाई-अगस्त माह के प्रजनन काल में मछली नहीं निकल जाएगी पर इस प्रतिबंध को दरकिनार कर ठेकेदार कारोबारियों ने दबंगई से व्यापार किया। जानकारी होने पर आठ अगस्त 2023 को तत्कालीन उप जिलाधिकारी नवनीत सेहरा ने जरगो जलाशय में जाल डालकर चोरी से मछली की निकासी की सूचना पर पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। मौके से रात के अंधेरे में जलाशय से मछली निकलवाते हुए मत्स्य विकास निगम के जरगो जलाशय प्रभारी रमाकांत पांडेय सहित सहयोगी प्यारेलाल निवासी कुम्हिया तथा मैजिक वाहन सहित चालक विकास निवासी कोलना अदलहाट को दबोच लिया गया। मत्स्य विभाग निगम लखनऊ के अधिशासी प्रबंधक आर एस त्यागी की तहरीर पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
सोनबरसा नहर पुलिया के पास भी बेची जाती है जरगो की मीठी मछली
अहरौरा। सोनबरसा नहर पुलिया के पास जरगो जलाशय से निकाली गई अवैध मछली के कारोबार का धंधा फल फूल रहा है। इसके क्रय विक्रय का कोई रिकॉर्ड विक्रेताओं के पास मौजूद नहीं होता। जरगो जलाशय से निकाली हुई चोरी की मीठी मछली का कारोबार धड़ल्ले से किया जाता है।
मड़िहान विधायक पहुंचे मृतक के घर
मिर्जापुर। अहरौरा के इमिलिया खुर्द गांव निवासी प्रदीप की जरगो डैम में हत्या किए जाने के बाद शनिवार को मड़िहान विधायक रत्नाकर मिश्र ने परिजनाें से मुलाकात की। परिवार को दुख के घड़ी मे ढांढस बंधाया और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। जरगो डैम पर पहुंचकर किया। और लोगो से वार्ता कर जानकारी ली।
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ठेकेदार पति के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज
अहरौरा। जरगो जलाशय पर मछली पकड़ने के विवाद में हुए उग्र प्रदर्शन और बवाल के बाद कमरे की तलाशी में पुलिस को मिली राइफल की जांच के बाद मछली ठेकेदार के पति सुरेश सिंह व लाइसेंसी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष अजय सेठ ने बताया कि मछली ठेकेदार के पति सुरेश सिंह के पास से बरामद राइफल को जब्त कर लिया गया है। लाइसेंसी चंदौली अवधेश सिंह सहित दोनों लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। राइफल का लाइसेंस चंदौली के अवधेश सिंह के नाम पर जारी किया गया है। घटना में शामिल चार अन्य लोगों का नाम प्रकाश में आया है। जिनकी पहचान हो चुकी है। उनके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा। असलहा लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी चंदौली को पत्र भेज कर कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।