प्रदेश में जातिगत जनगणना जरूरी है। जब तक जातिगत जनगणना नहीं होगी, हर वर्ग को लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना की आवश्यकता है।
ये बातें छानबे विधानसभा के जरैली और कलना में जातिगत जनगणना की मांग को लेकर आयोजित गोष्ठी में समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप ने कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने हमेशा गरीबों का शोषण किया है। उन्हें अधिकारों से वंचित रखते हुए उनका निवाला छीना जा रहा है। अधिकार दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी जातीय जनगणना कराने की मांग कर रही है, परंतु सरकार इसे अनसुना कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 31 बिंदुओं पर जनगणना करा रही है। इसमें मकान, गाड़ी, हैंडपंप, बिजली, पशु, पेड़ सहित 31 बिंदुओं पर जानकारी मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब 31 बिंदुओं पर जनगणना हो रही है तो उसी में एक बिंदु और जोड़कर जाति भी पूछ ली जानी चाहिए। इससे जनगणना के साथ-साथ जातीय जनगणना भी हो जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जातीय जनगणना कराने से इसलिए भाग रही है, क्योंकि जाति को जाति और धर्म को धर्म से लड़ाकर राजनीति करना और वोट लेना चाहती है। जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार भय का माहौल बनाकर अपनी विफलता पर पर्दा डाल रही है। उन्होंने बताया कि जातिगत जनगणना को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा। कहा कि सभी जाति व वर्ग की आर्थिक व सामाजिक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
गोष्ठी में शिवशंकर सिंह यादव, रविंद्र बहादुर पटेल, आशीष यादव, रोहित शुक्ला, सतीश मिश्रा, कीर्ति कोल, धर्मेंद्र मौर्या, रमाशंकर कोल, अरशद अली, अरविंद पटेल, सिद्धांत यादव आदि मौजूद रहे। इससे पहले राजगढ़, मड़िहान और बरकछा में राजपाल कश्यप का स्वागत किया गया।