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मिर्जापुर में बड़ी कार्रवाई: कोयला माफिया समेत 14 को एसटीएफ ने पकड़ा, कोयला लदे 14 ट्रक और 15 ट्रैक्टर जब्त

Sat, 07 May 2022 12:48 AM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मिर्जापुर

सार

एसटीएफ निरीक्षक फील्ड यूनिट वाराणसी पुनीत परिहार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि कौड़ियाकला तथा रस्तोगी तालाब के पास स्थित धर्म कांटा में चोरी व तस्करी के कोयले के ट्रक व ट्रैक्टर काफी संख्या में आए हैं।
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गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर कौड़ियाकला तथा रस्तोगी तालाब के पास स्थित धर्म कांटा पर बृहस्पतिवार को एसटीएफ टीम ने वाराणसी व अदलहाट पुलिस के साथ छापा मारकर कोयला लदे 14 ट्रक और 15 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। इसके साथ मुख्य कोयला माफिया सहित 14 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से एक कार, एक लाख रुपये नकद व कई मोबाइल बरामद हुए हैं।

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एसटीएफ निरीक्षक फील्ड यूनिट वाराणसी पुनीत परिहार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि कौड़ियाकला तथा रस्तोगी तालाब के पास स्थित धर्म कांटा में चोरी व तस्करी के कोयले के ट्रक व ट्रैक्टर काफी संख्या में आए हैं। कोयला खरीदने व बेचने की बात चल रही है। जिससे एसटीएफ और पुलिस की टीम पहुंची और दोनों धर्मकांटा से कोयला लदे 14 ट्रक और  15 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। इस दौरान वाहनों के चालकों समेत 11 लोगों को पकड़ा गया। 

मुखबिर ने बताया कि इस मार्ग पर वाणिज्य कर अधिकारियों, पुलिस और आरटीओ की लोकेशन बताकर गाड़ी पास कराने वाले गिरोह का सरगना धनंजय सिंह अपने सहयोगी के साथ अदलहाट बाजार में खड़ा है। सूचना पर एसटीएफ पहुंची और ब्रेजा कार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें झारखंड निवासी विकास सिंह से एक लाख रुपये नगद व एक मोबाइल बरामद हुआ।
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दो अन्य आरोपितों धनंजय सिंह व  निखिल सिंह निवासी भटकी टोली थाना रामनगर जनपद वाराणसी शामिल हैं। अन्य पकड़े गए लोगों में हिमांशु कुमार यादव निवासी तिपरी जमानियां गाजीपुर, पंकज यादव निवासी दरौली जमानिया गाजीपुर, राम सजीवन निवासी डीबुलगंज अनपरा सोनभद्र, वीरेंद्र सिंह निवासी बेलखरा अहरौरा मिर्जापुर, मैनेजर निवासी तीन ताली राबर्ट्सगंज सोनभद्र, संजय कुमार सिंह बंगला चुनार मिर्जापुर, भगत सिंह निवासी बरेव अदलहाट, चंद्रराज सिंह निवासी सहदैया कर्मा सोनभद्र, कामेंद्र मिश्रा हाजीपुर अदलहाट, जय प्रकाश सिंह हिनौतीमाफी अदलहाट, निखिल सिंह निवासी बघली टोला रामनगर वाराणसी, वकील यादव निवासी दादो अहरौरा सहित कुल 14 लोगों  को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

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खदान कर्मचारियों की मिलीभगत से होती है कोयले की तस्करी

 एसटीएफ ने जब छानबीन की तो पता चला कि  सोनभद्र, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड में कई कोयले की खदानें हैं। इन कोयलों की खदानों से कोयला खरीद-फरोख्त हेतु इसके आस-पास काफी लोगों ने  कोल डिपो खोल रखा है। अमिल वन राजमिलन सिंगरौली में कोयला तस्कर धनंजय सिंह ने भी अपना कोल डिपो वैष्णो इंटरप्राइजेज के नाम से खोल रखा है।

जानकारी करने पर पता चला कि धनंजय सिंह व  इसके जैसे नारायण अग्रवाल अनपरा (सोनभद्र) व  अन्य कोयला तस्करी के आरोपी अपने-अपने सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न तरीकों से कोयले की कालाबाजारी करते हैं।

इनके सहयोगी विभिन्न कोयला खदानों से बिल में अंकित वजन से लगभग 40-50 क्विंटल अधिक कोयला खदान कर्मचारियों की मिलीभगत से अपने ट्रकों में लोड कर तस्करों के बताए गए विभिन्न स्थानों पर लाते हैं। अतिरिक्त लोड किए गए  कोयले को अनलोड कर देते हैं। जब इस प्रकार से काफी कोयला एकत्रित हो जाता है तो कोयला तस्कर अपने फर्म का कूटरचित कागज बनाकर विभिन्न कोयला मंडियों आदि में भारी मूल्य पर बेचते हैं। 

जीएसटी की भी करते हैं चोरी

विभिन्न कोयला आधारित उद्योगों को संचालित करने हेतु सरकार द्वारा न्यूनतम मूल्य पर अनुदानित कोयला आवंटित किया जाता है। इन कोयलों को भी तस्करों द्वारा कम मूल्य पर फैक्ट्री मालिकों से खरीद कर कूटरचित कागजात तैयार कर ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है। ये लोग 50 हजार रुपये से कम मूल्य का बिल तैयार करते हैं। उसमें भी कोयले की बिक्री दर वास्तविक मूल्य से लगभग 1/10 के बराबर रखते हैं।

इससे ये लोग जीएसटी की भी चोरी करते हैं। वस्तुओं के परिवहन पर नियमानुसार ई-वे बिल नहीं बनाना पड़ता है। धनंजय सिंह एवं इसके जैसे अन्य कारोबारी एक ट्रक में लोड लगभग साढ़े तीन लाख रुपये के कोयले का फर्जी बिल 50 हजार रुपये से कम मूल्य की बना देते हैं।

जिससे ई-वे बिल जनरेट ही नहीं होता है। जिससे इसकी सूचना कर विभाग को नहीं हो पाती है और इस प्रकार इनके द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर कोयलों को भी विभिन्न स्थानों पर बेच दिया जाता है। इस प्रकार कोयला की कालाबाजारी सुनियोजित व संगठित तरीके से की जाती है।
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थाने के वायरल वसूली लिस्ट में कोयला तस्करी भी थी शामिल

अदलहाट और अहरौरा थाना क्षेत्र में कोयला तस्करी का खेल काफी समय से चल रहा है। एक बार तो सीओ ने कोयला पकड़ा था। जिसमें अहरौरा थानाध्यक्ष से विवाद हुआ था। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा तो सीओ का ही सर्किल बदल दिया गया था। इसके बाद दो वर्ष पहले अदलहाट थाना प्रभारी की तो थाने की वसूली लिस्ट वायरल हुई थी। जिसमें कोयला तस्करों से थाने में पैसा आने का जिक्र था। इस मामले में एएसपी नक्सल को जांच सौंपी गई थी।
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