मिर्जापुर। डाउन लाइन पर जा रही जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस गैपुरा भोड़सर सरपति गांव के सामने पहुंची तो उसके एसी बोगी के पहिए के नीचे धुंआ निकलने लगा। आग लगने की आशंका पर चालक ने गाड़ी रोककर जांच की। जांच में पता चला कि ब्रेक बाइंडिग के कारण धुंआ निकला था। फायर उपकरण से धुएं पर काबू किया गया। इसके बाद ब्रेक बाइंडिंग की समस्या दूर कर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
डाउन लाइन पर जा रही जोधपुर-हावड़ा ट्रेन जिगना स्टेशन से आगे गोड़सर सरपति गांव के पास पहुंची तो एसी बोगी संख्या 193937 सी के पहिए के नीचे से धुंआ निकलने लगा। धुंआ निकलते देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। सूचना चालक को दी गई। चालक ने बुधवार को शाम पांच बजकर 20 मिनट पर ट्रेन रोकी। लोगों ने ट्रेन में आग लगने की आशंका जताई। ट्रेन के चालक रविदास, गार्ड गोपाल एसी कोच के पास पहुंचे। धुंआ निकलते देख आरपीएफ को सूचना दी। सूचना पर आरपीएफ के सिपाही अशोक और राकेश पहुंचे। चारों लोगों ने फायर उपकरण से धुएं पर काबू किया। इससे ट्रेन में आग लगने से बच गई। शाम पांच बजर 38 मिनट पर ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी रहने के कारण जिगना में दादर-गुहावटी एक्सप्रेस रुकी रही। चर्चा है कि चेन पुलिंग के कारण ब्रेक बाइंडिंग हुई। इससे ब्रेक में घर्षण से धुंआ निकलने लगा। संयोग था कि आग नहीं लगी। रेलवे के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि ट्रेन की स्पीड कम और अधिक करते समय ब्रेक बाइंडिंग के कारण धुंआ निकलता है। धुआं निकलने पर चालक और गार्ड ने काबू कर लिया। ट्रेन 15 से 20 मिनट बाद आगे के लिए रवाना हो गई।