मिर्जापुर। श्रावणी पूर्णिमा पर बहनों ने आरती उतार कर भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए आस्था व विश्वास का रक्षाबंधन पर्व रविवार को बड़े ही धूमधाम से मनाया। सड़कों पर दिनभर चहल-पहल बना रहा। थाल में सजे रोली, चंदन, अक्षत व माला-फूल के साथ भाईयों के घर पहुंची बहनें शुभ मुहूर्त में अपने-अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी सुरक्षा का संकल्प याद दिलाया।
नगर के वासलीगंज, सिविल लाइंस, रमईपट्टी, शुक्लहा तिराहा, भरुहना, स्टेशन रोड, संगमोहाल, बथुआ तिराहा, तेलियागंज, घंटाघर, त्रिमुहानी, मुकेरी बाजार, लालडिग्गी व इमामबाड़ा स्थित बाजारों में चहल-पहल बढ़ने से सड़कों पर जगह-जगह जाम लगा रहा। जाम के चलते भाईयों के घर के लिए निकली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। विंध्याचल: क्षेत्र में रक्षाबंधन का पर्व बड़े सादगी पूर्ण ढंग से मनाया गया। विंध्याचल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाइयां, माला,रक्षाबंधन की दुकानें जगह-जगह सजी रहीं। शिवपुर, अमरावती चौराहा, बावली चौराहा, बंगाली चौराहा, बरतर तिराहा, गजिया, दूधनाथ तिरहरा सहित अन्य स्थानों पर दुकानें सजी रहीं। दिनभर दुकानों पर राखी व मिठाइयों की खरीदारी में लोग लगे रहे। जिगना: रक्षाबंधन के पर्व पर इस वर्ष दुकानों पर भीड़ दिखाई दी। उमड़े भीड़ के चलते राखी तथा मिष्ठान के दुकानदार भी खुश नजर आए। शनिवार शाम से लेकर रविवार को दिन भर राखी मिष्ठान की दुकानों पर खरीददारी जारी रहा। परिवहन निगम की बसों में महिलाओं की फ्री यात्रा के चलते डग्गामार वाहनो पर खासा प्रभाव देखा गया। फिर भी वे प्रतिदिन की भांति सवारियों को ढोते नजर आ रहे थे।
लालगंज: रक्षाबंधन पर्व पर राजमार्ग 7 पर स्थित बाजार लालगंज में दिन भर मिठाई और राखी की खरीदारी की गई। सड़कों पर भीड़ उमड़ने से कहीं-कहीं लोगों को जाम के झाम का भी सामना करना पड़ा। यहां की प्रसिद्ध मिठाई की दुकान से गुलाब जामुन खरीदारी करने के लिए लोगों को लाइन में लगना पड़ा। दूर- दराज से भी लोग यहां पहुंच कर रक्षाबंधन पर्व के लिए मिठाई खरीदने के लिए पहुंच रहे थे। हलिया: रक्षाबंधन पर्व पर हलिया, देवरी, पिपरा, अदवा, सोनगढ़ा बाजार में राखी के साथ-साथ मिष्ठान की खरीदारी जमकर खरीदारी की गयी। बाजार में दिन भर चहल-पहल बना रहा। बहनों ने भाइयों के घर पहुंचकर भाईयों की कलायी पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षा बंधन का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। ड्रमंडगंज: भाई बहन के असीम प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व स्थानीय बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्र में भी हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। क्षेत्र के ड्रमंडगंज, बेलन बरौधा, रतेह चौराहा, बबुरा भैरोदयाल, नैड़ी कठारी सहित विभिन्न गांवों में दूकानों पर दिन चहल-पहल बनी रही। दिनभर सवारी तथा निजी वाहन से भाई-बहन एक-दूसरे के घर जाकर राखी बंधवाने में लगे रहे।
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रक्षा सूत्र बांधकर पौधों को बचाने का लिया संकल्प
मिर्जापुर। वन विभाग की ओर से रविवार को पौधों में रक्षा सूत्र बांध कर इसके संरक्षण का संकल्प लिया। इस क्रम में चुनार एवं लालगंज वन रेंज में कर्मचारियों की ओर से आम जनता के सहयोग से रोपित पौधों को रक्षा सूत्र बांध कर कार्यक्रम मनाते हुए उन्हे जागरुक किया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी ने कहा इस कार्यक्रम के तहत लोगों की ओर से रोपित पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया जा रहा है। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग प्रेरित हो और पौधों को बचाने के लिए आगे आए। आएडीएफओ ने कहा यह आम जनमानस में पौधों को सुरक्षित रखने के लिए एक नई भावना पैदा करेगा। उन्होने कहा यह अभियान 29 अगस्त तक पूरे जनपद में कहीं ना कहीं चलाया जाएगा।
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एमपी व बिहार के लोगों ने खरीदी उपरौध क्षेत्र की बनी मिठाईयां
लालगंज। रक्षा बंधन पर्व पर उपरौध क्षेत्र लालगंज की मिठाई का स्वाद मध्य प्रदेश और बिहार तक के लोग ले रहे हैं। राजमार्ग 7 पर स्थित होने के कारण ण्क दूसरे प्रांत के लोगों को मिठाई की खरीदारी करने में यहां सुविधाजनक है।
वैसे भी यहां एक बार किसी ने गुलाब जामुन और खोए से बने पेड़े की मिठाई का लिया है वह बार-बार यहां से अपने घर के लिए मिठाई ले जाने से नहीं चुकता। यहां की बनी मिठाई मध्य प्रदेश के रीवां और भोपाल के साथ बिहार, पटना तो जाती ही है लेकिन खासकर अगल-बगल के जिले में नौकरी पेशे से जुड़े लोग यहां की बनी मिठाई ले जाना पसंद करते हैं। रक्षा बंधन पर क्षेत्र में बनी कई क्विंटल मिठाईयां गैर प्रांत व जनपदों में खप गयीं।
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विंध्याचल: धूमधाम से मनीं श्रावणी पूर्णिमा का पर्व
विंध्याचल। विंध्य क्षेत्र के पक्का घाट पर सावन के आखिरी दिन श्रावणी पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ होता है। इसलिए चंद्रदोष निवारण के लिए भी यह दिन उत्तम रहता है।
मूलत: 27 नक्षत्र माने गए हैं। यह नक्षत्र दिन तिथि की गति के अनुसार बदलते हैं। श्रावणी अमावस्या के दिन चंद्रमा श्रावण नक्षत्र में होता है। यह दिन कई कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। श्रावणी पूर्णिमा का दिन ब्राह्मणों के लिए बहुत महत्व रखता है। इस दिन जनेऊ बदलने की परंपरा है। ब्राह्मण पुराने जनेऊ को बदलकर नया जनेऊ धारण करते हैं। जो लोग जनेऊ धारण करते हैं वे श्रावणी पूर्णिमा के दिन धर्मावलंबी मन, वचन और कर्म की पवित्रता का संकल्प लेकर जनेऊ बदलते हैं। यदि पूरे वर्ष में कभी भी जनेऊ बदलने की आवश्यकता होती है तो भी इसी दिन पूजा गया जनेऊ ही धारण किया जाता है।
ड्रमंडगंज । भाई बहन के असीम प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व, ग्रामीण क्षेत्र में भी हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। क्षेत्र के ड्रमंडगंज, बेलन बरौधा, रतेह चौराहा, बबुरा भैरोदयाल, नैड़ी कठारी सहित विभिन्न गांवों में दूकानों पर दिन चहल-पहल बनी रही । इस दौरान दिनभर सवारी तथा निजी वाहन से भाई-बहन एक-दूसरे के घर जाकर राखी बांधने और बंधाने में संलग्न रहे ।