रात को शादी की खुशी सुबह मातम में बदली
12 घंटे पहले धूमधाम से मन्ना बिंद के पुत्र महेश की गाजेबाजे के साथ बारात विदा हुई थी। इसके बाद दूरदराज से आए रिश्तेदार रात भर गाना बजाना करते रहे। किसी को क्या पता था कि चंद घंटे बाद ही ये पूरा माहौल मातम में बदल जाएगा। जिस घर में रात के समय विवाह का उल्लास था वहां सुबह रोता बिलखता परिवार बेसुध पड़ा था। पूरे गांव में परिवार की चीखें सुनकर लोग गमगीन हो गए थे।
डूबने वालों में तीन बहने थीं
सात लोग डूब रहे थे। जिनमें अर्चना बिंद और बबिता बिंद ये दोनों बहन अपनी तीसरी बहन रेखा के देवर की शादी में आई थीं। ये तीनों बहन डूब रही थीं। अंतिमा अपने बड़े भाई देवनारायण के साथ उसके ससुराल शादी में शामिल होने आई थी।
पांच भाइयों में थी अकेली अंतिमा
अपनी बहन के देवर की शादी में शामिल होने आई अर्चना सुबह गंगा में डूब गई। पिता राजेंद्र बिंद ने बताया कि बिटिया पढ़ने में बहुत तेज थी। इस वर्ष बीटीसी फाइनल की थी। उसकी रुचि के कारण उसके पढ़ाई के लिए हम अपने घर ही ज्यादा रखते थे। पूरे परिवार को ये उम्मीद थी कि जल्द ही वो सरकारी अध्यापक बनेगी। वहीं, अंतिमा अपने पांच भाइयों में अकेली थी। अंतिमा को नहाते सभी ने देखा लेकिन डूबते किसी ने नहीं देखा। उसका कपड़ा घाट के किनारे मिला।
गोताखोर करते रहे खोजबीन
स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश जारी थी। पूर्व प्रधान पति विजय बिंद राम गया घाट पर स्थित गंगा नदी में हजारा जाल डालकर खोजबीन कर रहे थे। जिससे जल्द ही लापता महिलाएं मिल जाएं। उसी बीच परिजनों ने भी एनडीआरएफ की मांग की। जिस घाट पर महिलाएं स्नान कर रही थी, उस घाट पर पानी का बहाव की गति काफी तेज थी। कयास लगाया जा रहा है कि लापता महिलाएं राम गया घाट के बीचोबीच रामशिला के पास मिल सकती है। वहां हजारा जाल डालकर खोजबीन की गई।
एनडीआरएफ टीम आई तो हटा जाम
डूबे लोगों के न मिलने पर ग्रामीणों ने प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे मार्ग जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने तलाशी अभियान के लिए एनडीआरएफ की मांग की। लगभग एक घंटा सड़क मार्ग जाम रहा। एनडीआरएफ की टीम बीस सदस्यों के साथ पहुंची तो जाम समाप्त किया गया। जाम से सड़क पर वाहनों की कतार लगी थी। पांच बजकर 40 मिनट पर पूरी टीम शव की तलाश में गंगा नदी में उतरी।
सीएम ने लिया संज्ञान
महिलाओं के डूबने की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य संचालित करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी वहां पर सिर्फ विंध्याचल कोतवाल ही पहुंचे और कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ की मदद से डूबी महिलाओं की तलाश करने का निर्देश दिया। साथ ही दुर्घटना से प्रभावित हर संभव मदद व चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार 9 लोग गंगा में डूबे थे। इसमें सात को बचाया गया। दो महिलाओं की तलाश एनडीआरएफ कर रही है।