सड़क पर यातायात नियमों का पालन न करने पर हादसे की आशंका तो रहती ही है। इन दिनों रात में सड़क पर चल रहे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली बालू सड़कों पर दे रहे है। जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। कई लोग बालू के चलते फिसल कर गिर चुके हैं। इसके बाद न तो खनन, परिवहन न ही पुलिस विभाग इन ट्रैक्टर-ट्राली वालों पर कार्रवाई कर रहा है।
नगर में नो इंट्री के चलते रात में ही ट्रक व ट्रैक्टर आदि का परिवहन होता है। रात को 10 बजे के बाद गंगा किनारे लीज से बालू ट्रैक्टर पर लादकर उसे ले जाया जाता है। ट्रैक्टर चालक बालू को जितना ट्राली तक लादते हैं। उससे ऊंचा तो ट्राली के ऊपर पहाड़ बनाकर लादते है। ट्रैक्टर जब शहर में आते हैं तो बालू सड़कों पर गिरने लगता है। इससे सड़क पर जब बाइक या अन्य वाहन सवार चलते है तो ब्रेक मारने पर गाड़ी फिसल जाती है। नगर के फतहां, मोर्चाघर, सिविल लाइन, रमईपट्टी, पुलिस लाइन, अस्पताल मार्ग पर बालू गिरा है।
नगरपालिका भी नहीं करती सफाई
सड़क पर रात ट्रैक्टर-ट्रालियों के चलते समय बालू गिरता है। सुबह नगर पालिका की ओर से सफाई अभियान चलता है, इसके बाद भी नगरपालिका के कर्मचारी सड़कों की सफाई नहीं करते है। इस कारण बालू सड़को पर गिरा रहता है।
रात में ओवरलोड बालू लाद कर ट्रैक्टर चलते है। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। -पप्पू
जितना बालू ट्रैक्टर-ट्राली में लादे रहते हैं, उतना बालू पहाड़ की तरह ऊपर लादे रहते हैं। इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। - विनोद कुमार गुप्ता
सड़क पर बालू गिरा रहता है। इससे बाइक ब्रेक मारने पर फिसलने का खतरा रहता है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। -सिद्धनाथ
सड़क पर बालू गिरा रहता है तो नगरपालिका का भी काम है कि वो सफाई करते समय उसे हटाए, पर ऐसा नहीं होता है। -अनूप सिंह