ट्रैक्टर बीच रास्ते पर खड़ा था। उसकी मरम्मत की जा रही थी। रात में घर लौटते समय बाइक सवार ट्रैक्टर में जा भिड़े। बाइक सवार जितेंद्र शर्मा हेलमेट लगाए हुए थे, लेकिन हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
ट्रैक्टर की मरम्मत करा रहे लोग दोनों के शवों को किनारे झाड़ी की ओर कर भाग गए। रविवार को सुबह करीब पांच बजे टहलने गए लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची चुनार पुलिस ने शवों की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। बाद में शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जितेंद्र उर्फ दीपक बंगलुरु में इंजीनियर थे। उनकी नवंबर माह में शादी होने वाली थी। शादी के लिए वे बंगलुरु से आए थे। वे माता-पिता, बड़े भाई के साथ बनारस कपड़ा खरीदने गए थे। दीपक के पिता सोनभद्र के रेनुकूट स्थित हिंडालको में नौकरी करते हैं। खरीदारी करने के बाद रात में बाकी लोग कार से वाराणसी से सोनभद्र रवाना हो गए।
दीपक और उनके ममेरे भाई को सीखड़ गांव में भेज दिया। परिजनों को क्या पता था कि सीखड़ गांव के रास्ते पर मौत इंतजार कर रही है। मौत की जानकारी मिलने पर परिवार में कोहरमा मच गया। दीपक के ममेरे भाई जितेंद्र पुत्र शेषमणि एमएससी करके नौकरी के लिए तैयारी कर रहे थे।