रामलीला कमेटी ट्रस्ट की ओर से रामलीला कमेटी राम चबूतरा के मंच पर बृहस्पतिवार की रात कलाकारों ने अंगद-रावण संवाद का मंचन किया।
रामलीला कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने बताया कि रामलीला के मंचन की शुरूआत भगवान गणेश की आरती के साथ हुई। इसके बाद दोहे और चौपाइयों के साथ विधिवत रामलीला का मंचन किया गया। मंचन देख दर्शक भाव-विभोर रहे।
उन्होंने बताया कि मंचन के दौरान जब अंगद द्वारा रावण के दरबार में पैर जमाने का मंचन हुआ तो दर्शक रोमांचित हो उठे। पूरा पंडाल सियावर रामचंद्र की जय के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मंचन में दिखाया गया कि जब विभीषण अपने भाई रावण को समझाते हैं कि वह श्रीराम से संधि कर उनकी शरण में जाए और माता सीता को लौटा दे। इस पर रावण क्रोधित होकर उन्हें ठोकर मारकर दरबार से बाहर निकाल देता है। इसके बाद विभीषण श्रीराम के पास जाकर शरण ले लेते हैं।
भगवान राम अंगद को दूत बनाकर लंका भेजते हैं। अंगद रावण के दरबार में अपना पैर जमाते हैं। कोई भी योद्धा अंगद का पैर नहीं हिला पता है। तब रावण खड़ा होता है तो अंगद उनसे कहते हैं कि अगर पैर पकड़ना है तो प्रभु श्रीराम का पकड़े। मेरे पैर पकड़ने से तेरा कल्याण नहीं होगा। संवाद