मिर्जापुर। शीत कालीन सत्र के दौरान 146 सांसदों के निलंबन के विरोध में शुक्रवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और भाकपा माले सदस्य शामिल रहे। पदाधिकारियों ने दो घंटे तक कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान धरने पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान सीओ सिटी मनोज गुप्ता के नेतृत्व में शहर, कटरा कोतवाली के साथ महिला थाने की फोर्स तैनात रही। दोपहर एक बजे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम शिव प्रताप शुक्ला को देकर प्रदर्शन समाप्त किया।
सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। हम संसद में नहीं बोलेंगे तो कहां बोलेंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति से मांग है कि वह निलंबित सांसदों को बहाल करे। इस अवसर पर लालचन्द कोल, जगदम्बा सिंह पटेल, कीर्ति कोल, रोहित शुक्ला, आशीष यादव, राजेश भारती, सतीश मिश्रा, स्वामी शरण दूबे, आकाश यादव आदि रहे।
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि बीजेपी सरकार सदन में जिस तरह से तानाशाही कर रही है, आज तक किसी भी सरकार ने इतनी तानाशाही नहीं की। मीडिया प्रभारी छोटे खान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की तानाशाही से सदन में लोकतंत्र की हत्या करके इंडिया गठबंधन के लगभग 146 सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर राजधर दुबे, इमरान खान, रमेश प्रजापति पप्पू, संगीता तिवारी, शबनम अंसारी, मनीष दुबे, अशोक गुप्ता आदि रहे। काशी प्रांत के प्रदेश सचिव सुनील कुमार पांडे ने कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रोफेसर बी. सिंह, सुरेश सिंह, राजन सिंह, दिलीप सिंह गहरवार, सोनी, सीमा खान आदि रही। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी भाकपा माले के जिला सचिव राम प्यारे ने कहाकि लोकतंत्र पर हमला बंद किया जाए। सभी 146 सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए।