जिगना। विकास खंड छानबे में धान बेचने के लिए किसान सत्यापन को लेकर परेशान हैं। खसरा सत्यापन के लिए लेखपाल लगाए गए हैं। लेकिन वे केंद्रों पर कब आएंगे और कब जाएंगे कोई भरोसा नहीं है।
मालूम हो कि किसान पंजीकरण कराने के बाद तौल का नंबर लगाकर सत्यापन के लिए भाग दौड़ कर रहे। धान क्रय केंद्रों पर गांवों का आवंटन भी किया गया गया है। फिर भी किसानों के सामने यह समस्या बनी हुई है। किसानों में मंगला प्रसाद दुबे का कहना है कि कर्मचारियों की तानाशाही रवैया के चलते सत्यापन नहीं हो पा रहा। रमाकांत बिंद का कहना है धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने के बाद सत्यापन भी करा लिया है फिर भी धान का तौल नहीं हो रहा। राम शिरोमणि यादव, हरिशंकर व रामबाबू आदि का कहना है कि पंजीकरण कराने के बाद सत्यापन न होने से धान का तौल नहीं हो पा रहा है। किसानों का आरोप है कि इस वर्ष धान खरीद में व्यवस्था को काफी जटिल बना दिया गया है जिससे किसान को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्रय केंद्र पर पहुंचे बीडीओ, लिया जायजा
हलिया। समेरा कलां स्थित साधन सहकारी समिति बबुरा कलां में हो रहे धान खरीद का बुधवार को खंड विकास अधिकारी हलिया नंदलाल कुमार ने जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर धान बेचने के लिए कोई किसान मौजूद नहीं मिला। धान खरीद के लिए दो हजार बोरी केंद्र पर मौजूद मिले। डस्टर मशीन तथा नमी मापने के लिए मशीन उपलब्ध नहीं मिली। मशीन उपलब्ध कराने के लिए बीडीओ ने केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया। बीडीओ ने केंद्र पर मौजूद शिकायत रजिस्टर, भ्रमण रजिस्टर का भी अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र प्रभारी कृष्णा दूबे शासन के मंशानुरूप ही धान खरीद करने का निर्देश देने के साथ ही धान बेचने आए किसानों के सुविधाओं का ख्याल रखने के निर्देश दिए।