फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावन माह पूर्णिमा पर आस्थावानों ने किया मां विंध्यवासिनी का दर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
विंध्याचल । सावन माह पूर्णिमा पर रविवार को आस्थाधाम विंध्याचल में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। सुगंधित फूलों और रत्नजड़ित हार से किया गया मां विंध्यवासिनी का भव्य श्रृंगार का दर्शन पाकर श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयकारे से पूरा विंध्यधाम गूंज उठा।
विज्ञापन

भोर में मंगला आरती के बाद से दर्शन-पूजन का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक अनवरत जारी रहा। विंध्याचल मंदिर में दर्शन पूजन करने के लिए कतार में खडे़ नर-नारी माता का जयघोष करते आगे बढ़ रहे थे। मंदिर परिस
र में पहुंचकर किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में पहुंचकर मत्था टेका।
मंदिर के छत पर अनुष्ठान-पूजन का भी दौर दिनभर चलता रहा। पूर्णिमा पर आस्थाधाम आए श्रद्धालु मंदिर से ही गंगा दर्शन कर अभिभूत रहे। विंध्य कॉरिडोर योजना के तहत विंध्याचल मंदिर के चारो तरफ खाली हुई जमीन देख कर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई श्रद्धालु मंदिर के चारों तरफ भ्रमण कर परिक्रमा करने में लगे रहे। भक्तों का कहना था कि अब परिक्रमा करने में परेशानी नहीं होगी। विंध्याचल स्थित गंगा घाटों पर स्नान करने के लिए स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। माता का दर्शन-पूजन करने के बाद महिलाओं और पुरुषों ने विंध्याचल की गलियों में सजी दुकानों से अपने-अपने जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी भी की। मंदिर में उमड़ी दर्शनार्थियों की भारी भीड़ के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, सहित समाज के पदाधिकारी श्रद्धालुओं की सेवा में डटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें