विकास खंड छानबे में जिलाधिकारी का निर्देश परवान नहीं चढ़ रहा है और अधिकांश ग्राम पंचायतों के तालाबों में पानी नहीं भरा जा रहा है। प्रचंड गर्मी में ब्लाक के अधिकांश तालाबों से पानी नदारद है, वहीं कुछ तालाबों की तलहटियों से धूल उड़ रहे हैं। क्षेत्र के तालाबों पर जब मवेशी पानी पीने जाते हैं, तो तालाब से पानी गायब देख बिना हलक की प्यास बुझाए वापस हो जाते हैं।
विकास खंड छानबे के विजयपुर, बघेड़ा खुर्द, चेहरा, सेमरी, जासा बघौरा, बसेवरा, बरी दूबे, बजटा, बरहां खुर्द, रसौली, बिहसड़ा खुर्द, सिहावल, कुशहां, चितौली, चतुरिया, धौरहरा सहित कई अन्य ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों में पानी नहीं भरा जा रहा है, जबकि जिलाधिकारी का निर्देश था कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों के तालाबों में पानी भरा जाए, जिससे प्रचंड गर्मी में मवेशियों की प्यास बुझने के साथ ही ग्रामीणों को स्नान आदि करने में सुविधा मिल सके।
कुछ ग्राम पंचायतों में तो डीएम के निर्देश का पालन किया जा रहा है, वहीं अधिकांश ग्राम पंचायताें में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। 25 हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत विजयपुर में चार तालाब लालगंज-विजयपुर मार्ग पर स्थित हैं, लेकिन इन तालाबों में धूल उड़ रहा है।
मवेशी जब पानी पीने के लिए तालाबों पर जाते हैं तो तालाब की दशा देखकर वापस हो जाते हैं। पशुपालक जनकधारी, महेश, रामशिरोमणि, हरिशंकर, हीरालाल, गोपीनाथ, मेवालाल, हरिश्चंद्र का कहना है कि तालाबों एवं नदी-नाले में पानी सूख जाने की वजह से पशुओं को पानी पिलाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अगर यही स्थिति रही तो पशुपालकों को गांव छोड़कर गंगा किनारे वाले गांव में मवेशियों को लेकर रहना पड़ेगा।