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मिर्जापुरः डिफाल्टर होने वाले विभाग के अधिकारियों पर अब कार्रवाई

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मिर्जापुर। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शासन की प्राथमिकता वाली विकास योजनाओं एवं आईजीआरएस के निस्तारण की समीक्षा की।
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अधिकारियों से कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण समय से करें। इसमें डिफाल्टर होने वाले विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध अब कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कतिपय अधिकारियों के द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद प्रार्थना पत्रों का निस्तारण समय से नहीं किया जा रहा। वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। यह भी कहा कि कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के जिला मुख्यालय के बाहर न जाए। बिना अनुमति के बाहर जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की संचालित सभी योजनाओं में कम प्रगति पाए जाने पर भी नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि योजनाओं में प्रगति लाएं। गोल्डेन कार्ड, परिवार नियोजन योजनाओं की कम प्रगति पर नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति बनाए रखते हुए दवाओं की भी उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत आशाओं के मानदेय का भुगतान न किये जाने पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए समय से भुगतान करने का निर्देश दिया गया।
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इन योजनाओं की हुई समीक्षा
मिर्जापुर। बैठक में सामुदायिक शौचालय, कायाकल्प योजना, पंचायत भवन, हैंडपंपों का रिबोर, चौदहवें वित्त में व्यय की स्थिति, अमृत योजना, पार्कों का सौदर्यीकरण, प्रधानमंत्री शहरी-ग्रामीण योजना की समीक्षा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास शहरी में पात्र लाभार्थियों को द्वितीय किस्त शतप्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान एनआरएलएम, मनरेगा, पेयजन मिशन, राशन कार्ड, पेंशन, सुमंगला योजना, ऑगन बाड़ी केंद्रों का निर्माण, दुग्ध विकास, कौशल विकास, खादी ग्रामोद्योग, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा सहित अन्य सभी प्राथमिकता वाले विकास योजनाओ की समीक्षा की गयी तथा प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।
यूपीपीसीएल एवं राजकीय निर्माण निगम के खिलाफ लिखा जाएगा पत्र
मिर्जापुर। 50 लाख रुपये से ऊपर की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित करते हुये कहा कि जिन परियोजना मे धनराशि नही है उसके लिये एक सप्ताह के अंदर संबंधित विभगा से पत्राचार कर धनराशि की मांग करें। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल व राजकीय निर्माण निगम की कई परियोजनाओं में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद भी कार्यों मे प्रगति परिलक्षित नहीं हो रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इन दोनो विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध शासन को अवगत कराने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया। समीक्षा बैठक में आईटीआई जमालपुर, स्पर्श विद्यालय, कस्तूरबा गांधी विद्यालय पड़री, विन्ध्याचल गंगा नदी पर घाटो का निर्माण सहित अन्य सभी निर्माणाधी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय से प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीडी गुप्ता, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कैलाश नाथ, परियोजना निदेशक ऋषि मुनि उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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