झारखंड के रांची और जमशेदपुर से विकास, उनके साले राजेश और राजेश का जीजा दीपक तीनों अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने आए थे। तीनों परिवारों के 11 सदस्य कार से बुधवार को विंध्याचल पहुंचे। दर्शन से पहले सभी गंगा स्नान करने अखाड़ा घाट पहुंचे। वहां कीचड़ होने के कारण सभी नाव से गंगा पार चले गए।
स्नान करके लौटते समय बारिश शुरू हो गई और तेज हवा चलने लगी। नदी के बीच में ही उनकी नाव पलट गई। नाविक सहित उसमें सवार सभी 14 लोग तेज धारा में बहने लगे। शोर सुन कर आसपास के लोगों व गोताखोरों ने राजेश कुमार तिवारी (35) निवासी घुरवा (रांची), विकास ओझा (28) निवासी बक्सर, दीपक मिश्रा (27) जमशेदपुर, चालक सुदीप कुमार (38) निवासी बक्सर, अलका (9) पुत्री राजेश, रितिका (7) पुत्री राजेश, नाविक गौतम निषाद (16) पुत्र गुरु निषाद, फोटोग्राफर प्रदीप (20) को बाहर निकाल लिया।
वहीं गुड़िया (28) पत्नी विकास, खुशबू (30) पत्नी राजेश, अनीशा (26) पत्नी दीपक, सत्यम (5) पुत्र विकास, शौर्य (3) पुत्र विकास, दीपक का दो माह का पुत्र नदी की धारा में बह गए। पुलिस जाल डालकर देर शाम तक उनकी तलाश में जुटी थी। आसपास के गोताखोरों को बुलाकर डूबे हुए लोगों की तलाश कराई जा रही थी।