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कर्मचारी हड़ताल पर समितियों पर लटक रहा ताला

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मिर्जापुर। पीसीएफ के केंद्रों सहित साधन सहकारी समितियों पर ताला लटकने से किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। समितियों से उर्वरक न मिलने के कारण किसानों को बाजार से महंगे दामों पर डीएपी और यूरिया खरीदने पड़ रही। राज्य सरकार द्वारा नामित ट्रांसपोर्ट एजेंसी व जिलाधिकारी की ओर से पीसीएफ के 32 धान क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जो सचिवों की हड़ताल के चलते बंद हैं।
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जिगना, सहकारी समितियों के सचिव स्थायीकरण व वेतन निर्धारण की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। समितियों की बंदी के कारण किसान ऊंचे दामों में निजी दुकानों से खाद खरीद रहे है। पड़री: विकास खंड पहाड़ी में साधन सहकारी समितियों से डीएपी व यूरिया खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। पटेहरा: मड़िहान तहसील क्षेत्र के पथरौर सहकारी समिति पर खाद न मिलने से खेती में देरी हो रही है।
दिपनगर: पटेहरा, मझारी, संतनगर समेत दर्जनों गांवों के लोग दुकानदारों से 30 से 60 रुपये प्रति बोरी पहंगी डीएपी खरीद रहे। हलिया: क्षेत्र में 10 साधन सहकारी समितियों में अहुगीकलां, खुटहा, बबूरा कलां, भटवारी, दियीया, उमरिया व बरौंधा से किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। ड्रमंडगंज, बेलन बरौधा के गोदाम में इस समय 18 मीट्रिक टन डीएपी तथा 10 मीट्रिक टन यूरिया का का स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेश स्तरीय सचिवों के हड़ताल के चलते जहां धान की खरीदारी नहीं हो रही है। वहीं बुआई सीजन में डीएपी नहीं मिल पा रहा है।
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महेवां के ग्राम प्रधान अजीत कुमार भारती ने बताया कि रबी सीजन के दौरान ही समितियों पर डीएपी की किल्लत शुरु हो गयी है। किसानों को बाजार से महंगे दाम पर डीएपी खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। किसानों तक आसानी से उर्वरक उपलब्ध हो प्रशासन को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं हलिया सोनगढ़ा के विश्वनाथ कोल ने बताया कि समितियों पर खाद न मिलने के किसानों को बाजार से ऊंचे दामों पर खाद लेना पड़ रहा है। समय से डीएपी न मिलने से गेहूं, चना व मसूर की बुवाई बाधित हो रही है।
छानबे विकास खंड के भोलानाथ ने कहा कि समितियों में तालाबंदी के चलते जहां डीएपी नहीं मिल पा रहा है वहीं धान की खरीद प्रभावित हो रहा है। सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। छीतपुर के पूर्व ग्राम प्रधान कपुरचंद्र प्रजापति ने बताया कि समितियों से डीएपी समय से न मिलने के कारण आलू बोआई के साथ ही अन्य खेती पिछड़ रही है। समितियों पर उर्वरक होने के बावजूद किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिए।
वहीं जिला प्रबंधक पीसीएफ धीरेंद्र कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी की ओर से पीसीएफ के 32 धान क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। साथियों के हड़ताल के कारण किसी भी केंद्र पर धान का क्रय व उर्वरक की बिक्री नहीं हो पा रही है।
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