जिले में कई राजकीय कार्यालय जर्जर भवनों में संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे भवनों में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि किराए पर संचालित इन जर्जर भवनों के लिए कोई प्रबंध भी नहीं हो पा रहा है। कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी डरे सहमे काम करते हैं।
नगर के बीचोबीच रामबाग स्थित चकबंदी कार्यालय इसका जीता जागता उदाहरण है। बहुत पुराने जर्जर भवन में संचालित यह कार्यालय दूर से ही देखने में लगता है कि कभी भी गिर सकता है। इस कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी हर समय आशंकित रहते हैं और प्रयास करते हैं कि अधिक समय कार्यालय के बाहर खुले में ही रहें। चकबंदी अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि कलेक्ट्रेट स्थित एसओसी व डीडीसी कार्यालय भवन का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन रामबाग स्थित चकबंदी कार्यालय के लिए अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बारे में जल्द ही विचार किया जाएगा। उधर,विकास खंड छानबे में कृषि विभाग के बीज गोदाम के कार्यालय भवन के अलावा कर्मचारी आवास आदि जर्जर हो गए हैं। प्राथमिक विद्यालय (पाली) राजमन, बघौरा, विजयपुर, मातृ शिशु केंद्र बरबटा, प्राथमिक विद्यालय चेहरा, राजकीय पशु चिकित्सालय नरोइया सहित कई भवन जर्जर हैं। इसको लेकर हुई तमाम शिकायतें दरकिनार कर दी गई हैं। इन जगहों पर काम करने वाले कर्मचारी हादसे की आशंका से डरे रहते हैं।
उधर, विकास खंड जमालपुर के ग्राम पंचायत ककरही ढेलवासपुर में स्थित पंचायत भवन जर्जर है। नए पंचायत भवन के निर्माण के अभाव में पांच हजार री आबादी वाले ग्राम पंचायत ककरही ढेलवासपुर के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में ग्राम पंचायत की बैठक खुले आसमान के नीचे अथवा प्राथमिक विद्यालय में करनी पड़ती है। ढेलवासपुर गांव के पूरब में स्थित पंचायत भवन एक दशक से जर्जर है। पूर्व प्रधान के अलावा वर्तमान ग्राम प्रधान अभिनव तिवारी ने खंड विकास अधिकारी से लगायत मुख्य विकास अधिकारी तक नए पंचायत भवन के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। प्रधान अभिनव तिवारी ने बताया कि ककरही गांव में नए पंचायत भवन के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। खंड विकास अधिकारी रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय पर तैनात अधिकारियों से इस मामले से अवगत कराया गया है। ढेलवासपुर गांव के जर्जर पंचायत भवन के मरम्मत का कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा। कमोवेश यही हाल साधन सहकारी संघ चौकिया के कार्यालय भवन का है। एक दशक से यह कार्यालय भवन उपेक्षा का शिकार है। बारिश के दिनों में किसानों व समिति के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सचिव बाबूलाल व साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह ने जिला प्रशासन व एआर कोआपरेटिव से कई बार भवन निर्माण कराए जाने की मांग की, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। अन्नदाता मंच के जमालपुर ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष चौधरी रमेश सिंह ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए साधन सहकारी संघ चौकिया कार्यालय भवन के निर्माण के लिए धन अवमुक्त करने की मांग की है।
महिलाओं के प्रसव एवं नवजात शिशुओं के टीकाकरण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर बना मातृ शिशु कल्याण केंद्र भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते मातृ शिशु कल्याण केंद्र बंद पड़ा है। ग्रामीणों के बच्चे एवं प्रसव के लिए महिलाएं जिला एवं उच्च प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शरण ले रही हैं। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अभिषेक जायसवाल का कहना है कि भवन जर्जर है। मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान को कहा गया है।